आंबेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़, माहौल बिगाड़ने की कोशिश
जरीफनगर इलाके में प्रतिमा की क्षतिग्रस्त, पुलिस ने ठीक कराई
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जरीफनगर इलाके के बस्तोई सीकरी गांव में शरारती तत्वों ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पूर्व प्रधान ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने भी सक्रियता दिखाते हुए क्षतिग्रस्त प्रतिमा ठीक कराकर वहां सुरक्षा बढ़ा दी। इसके चलते माहौल बिगड़ने नहीं पाया।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के बस्तोई सीकरी गांव में बाबा डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगी है। सोमवार रात करीब 3.30 बजे गांव के चौकीदार गम्मी ने देखा कि डॉ. आंबेडकर प्रतिमा का एक हाथ क्षतिग्रस्त था। चौकीदार ने इसकी जानकारी पूर्व प्रधान जगदीश सिंह यादव को दी। इधर डॉ. आंबेडकर प्रतिमा टूटने का पता चलने पर पुलिस में खलबली मच गई। एसओ पुलिस टीम के साथ रात में ही बस्तोई सीकरी गांव गए। पूर्व प्रधान के मुताबिक पुलिस ने राजमिस्त्री बुलाकर प्रतिमा ठीक करा दी। गांव के लोगों को डॉ. आंबेडकर प्रतिमा टूटने की जानकारी मंगलवार सुबह को हुई। चूंकि प्रतिमा ठीक हो चुकी थी, जिससे लोग शांत रहे। हालांक जरीफनगर एसओ अमरपाल सिंह ने ऐसी किसी घटना से इंकार किया।
इनसेट
पहले भी तोड़ी गई थी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा
बदायूं। बस्तोई सीकरी गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा 1996 में लगाई गई थी। पूर्व प्रधान जगदीश के मुताबिक प्रतिमा लगाने के कुछ दिन बाद शरारती तत्वों ने हाथ तोड़ दिया था। इसको लेकर काफी हंगामा हुआ था। हंगामे के बाद पुलिस ने प्रतिमा ठीक कराई थी। तब गांव के 28 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस घटना के बाद दलित समाज के लोगों का बस्तोई सीकरी से मोह भंग होने लगा। इसी के चलते 140 परिवार गांव छोड़कर चले गए। वर्तमान में बस्तोई सीकरी गांव में 35 परिवार हैं।
गांव में बनी है सुरक्षा समिति
बस्तोई सीकरी गांव में सुरक्षा समिति है, जिसमें पूर्व प्रधान जगदीश सिंह यादव, चौकीदार गम्मी, राजवीर, ओमवीर और पुष्पेंद्र हैं। सुरक्षा समिति के सदस्य प्रतिमा की देखरेख करते हैं। बावजूद इसके शरारती तत्वों ने खुराफात कर दी। बस्तोई सीकरी में डॉ. आंबेडकर प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने के मामले में बसपा के जिला प्रभारी डॉ. क्रांति कुमार का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी गांव वालों से मिली। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डॉ. क्रांति ने बताया कि बुधवार को वह डॉ. आंबेडकर सुरक्षा समिति सदस्यों के साथ बस्तोई सीकरी गांव जाएंगे।