मंडल में सरकारी गेहूं योजना पहली अप्रैल से प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक बदायूं जिले में क्रय केंद्र तय नहीं हो पाए हैं, जबकि एजेंसियों ने क्रय केंद्र फाइनल कर दिए हैं। उधर, खाद्य विभाग ने अपने केंद्रों के लिए टेंडर मांगना शुरू कर दिया है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत होने वाली गेहूं खरीद के लिए अभी तक कोई लक्ष्य तय नहीं किया गया है। नई सरकार बनते ही कई प्राथमिकताएं बदल रही हैं, इसलिए क्रय केंद्र तक तय नहीं हो पा रहे हैं। बरेली 58, पीलीभीत 89 और शाहजहांपुर जिला प्रशासन ने 66 क्रय केंद्र एजेंसी बार तय कर दिए हैं। बदायूं जिला ने अभी तक कोई फाइनल सूची तैयार नहीं की है।
बरेली मंडल स्थित तीन जिलों में कुल 213 केंद्र फाइनल हो गए हैं।
आरएफसी शिवेंद्र सिंह ने तीन जिलों में क्रय केंद्र तय होते ही खाद्य विभाग से संबंधित केंद्र शुरू करने के लिए टेंडर मांगे हैं। पहले दिन शनिवार दोपहर में सात केंद्रों के टेंडर खोले गए। टेंडर प्रक्रिया में आरएमओ राम मूर्ति पांडे, डिप्टी आरएमओ सुरेश यादव, क्रांति कुमार समेत तीनों जिलों के विभागीय अफसर मौजूद रहे। आरएफसी ने तीन जिलों में तय 32 केंद्रों पर टेंडर पर मांगे हैं, लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार ने खरीद लक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है, लेकिन एजेंसियां पिछले वर्ष मिले खरीद लक्ष्य से दस प्रतिशत बढ़ाकर स्वत: ही लक्ष्य तय कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि इस बार गेहूं उपज ज्यादा हुई है, इससे क्रय केंद्रों पर आवक भी ज्यादा होगी। आरएफसी ने बताया कि केंद्रों पर पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाएगी। तीस अप्रैल को सभी क्रय एजेंसियों की संयुक्त बैठक बुलायी गयी है।