बरेली। पंजाबी महासभा की ओर से शनिवार को 13 अप्रैल 1919 बैसाखी के दिन शहीद हुए परिवारों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अध्यक्ष संजय आनंद ने बताया कि उस दौरान रौलट एक्ट के विरोध में जनसमुदाय सभा कर रहा था, उसी दौरान जनरल डायर ने भीड़ पर गोलियां चलवा दीं। बताया कि इस कत्लेआम में सैकड़ों लोग शहीद हुए। महामंत्री देवराज चंडोक ने कहा कि जिसे बाद में जलियांवाला बाग कांड कहा गया, जो अंग्रेजों के लिए ताबूत की आखिरी कील साबित हुआ। युवा अध्यक्ष प्रिंस सोंधी ने खालसा पंथ की स्थापना और कुरीतियों को मिटाने का संकल्प दिलाया। यहां दर्शन लाल भाटिया, हरीश अरोड़ा, रोहित सब्बरवाल, शिव मक्कड़ आदि मौजूद रहे।