बरेली। निर्वाचन कंट्रोल रूम में शिकायतें तो चुनाव संबंधी दर्ज होनी थीं, लेकिन लोगों ने वहां अधिकारियों व कर्मचारियों के मामले भेजने शुरू कर दिए हैं। इसमें ज्यादातर प्रकरण ऐसे हैं जिसमें अफसरों या कर्मचारियों के वर्षों से एक ही जगह जमे रहने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ताओं का मानना है कि शासन में सेटिंग से इन कर्मचारियों को तो हटाया नहीं गया अब निर्वाचन आयोग से शिकायत के बाद शायद इन मामलों में कोई कार्रवाई हो जाए।
कंट्रोल रूम में एक ऐसा ही मामला शीशगढ़ का जांच होने के लिए आया है। इसमें एक बड़ी पार्टी के सभासद ने शीशगढ़ नगर पंचायत में एक लिपिक के 33 वर्षों से जमे होने की शिकायत की है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि इस लिपिक की कई राजनीतिक लोगों के साथ गहरी पैठ है। इससे चुनाव प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए उसका स्थानांतरण होना जरूर है। इसी तरह भाजपा के एक पदाधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विकास भवन के एक जिला स्तरीय अधिकारी की शिकायत भेजी थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन अधिकारी की तैनाती हुई पांच साल बीत गए हैं, जबकि तीन साल बाद ही इनका स्थानांतरण हो जाना चाहिए था। इनके प्रमोशन के बाद इनकी तैनाती भी मंडल स्तर पर हो जानी चाहिए थी। इसी तरह नगर निगम के एक इंजीनियर की भी शिकायत की गई है। इसमें यह मामला निर्वाचन आयुक्त तक पहुंचाया गया है कि यह अभियंता करीब 12 साल से यहीं जमे हुए हैं।