बरेली। फर्म में पैसा लगाने का झांसा देकर रकम हड़पने के एक आरोपी की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश रेशमा चौधरी ने दिया। घटना की रिपोर्ट वादी मुकदमा आरिफ ने थाना किला में लिखाई थी। रिपोर्ट में कर्नल जनकवीर सिंह, उनकी पत्नी आभा सिंह, नीलाक्षी सिंह, यासीन अहमद , दुर्वेश अहमद, चरन सिंह, मोहम्मद यासीन, अमिताभ द्रोण और जावेद पर मैसर्स हाईपर इंडिया के नाम से फर्म बनाकर लोगों का पैसा हड़पने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि वादी मुकदमा ने भी पैसा जमा किया जिसकी रसीदें भी दी गईं। कुछ महीनों बाद पता चला कि रसीदें फर्जी थीं। वादी ने जब पैसा वापस मांगा तो गाली-गलोच कर पैसा देने से इंकार कर दिया गया। अभियुक्त जावेद की ओर से जमानत अर्जी लगाई गई, जिसका सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव ने विरोध किया। कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।