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‘हो सकता है हो गया हो भगवान का चौबीसवां अवतार’

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‘हो सकता है हो गया हो भगवान का चौबीसवां अवतार’ - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। ‘परमात्मा की रहमत से रामकथा सुनाने का अवसर मिला है। बरेली में व्यासपीठ से यहां तीसरी बार रामकथा सुना रहा हूं। पृथ्वी पर अपराध बढ़ता जा रहा है। इसलिए व्यासपीठ से श्री राम कथा के तमाम प्रसंगों को संजोते हुए ‘मानव अपराध’ पर कथा सुनाऊंगा। इन्हीं आशीर्वचन के साथ शनिवार को संत मोरारी बापू ने श्री राम कथा सुनने पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर किया।
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शनिवार शाम सवा चार बजे अंतरराष्ट्रीय शायर वसीम बरेलवी के साथ संत मोरारी बापू ने पंडाल में प्रवेश किया। मंच पर विराजित होने पर हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। आयोजक कत्था फैक्ट्री के मालिक कृष्ण कुमार मोहता ने संत मोरारी बापू से अनुरोध कर ‘हरे-रामा, हरे-कृष्णा’ की धुन पर झूमते हुए स्वागत किया। फिर मंच सेे मोरारी बापू ने बरेली आने पर प्रसन्नता जाहिर की और द्रौपदी के बारे में बताया। कहा, महाभारत की प्रमुख चरित्र द्रौपदी पहली साहसी महिला थीं, जो महाभारत काल में अन्याय के प्रति मुखर हुई थीं। वर्तमान में चारों ओर अपराध ही अपराध है। अब भगवान के अवतार लेने का समय है या शायद भगवान का अवतार हो भी गया हो। क्योंकि जब भी धरा पर अधर्म (अपराध) बढ़ा है, भगवान ने अवतार लिया है।

मंत्रियों ने किया संत का स्वागत

दोपहर करीब पौन बजे एयरफोर्स स्टेशन में संत मोरारी बापू चार्टर प्लेन से पहुंचे। फिर आयोजकों के साथ कत्था फैक्ट्री स्थित कुटिया पहुंचे। शाम सवा चार बजे शायर वसीम बरेलवी और आयोजन समिति मोरारी बापू को पंडाल में लेकर पहुंची। बापू का स्वागत करने के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल मौजूद रहे। स्वागत के बाद कथा शुरू हुई। करीब पंद्रह मिनट बाद वित्त मंत्री चले गए। केंद्रीय मंत्री करीब डेढ़ घंटे तक मौजूद रहे। कथा में गिरधर गोपाल खंडेलवाल, रमेश खनीजो, जगदीश भाटिया व आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

‘..हमने खुद को महंगा बना लिया’

मोरारी बापू ने श्रद्धालुओं को आत्मसम्मान बरकरार रखने के प्रति सचेत किया। कहा, ‘जो आया जांच परखकर लौट गया, इसलिए हमने खुद को थोड़ा महंगा बना लिया’, इस शेर से लोगों को रूबरू कराते हुए उन्होंने आत्मसम्मान को मजबूत (महंगा) करने का सुझाव दिया। कहा, सस्ते हो जाओगे तो बिक जाओगे, महंगे होगे तो समृद्धि आएगी और दोनों हाथों से बांटोगे।

‘..दिलों को टटोलने आया हूं’

‘राम ही केवल प्रेम पियारे..’ भजन सुनाकर कहा कि वह उपदेश देने नहीं बल्कि दिलों को टटोलने आए हैं। बरेली के बाजार में झुमका गिरा है उसे ढूंढ़ लो ताकि कोई उसे चुरा न ले। क्योंकि यह झुमका बरेली की पहचान और शान है। सुझाव दिया कि ‘वक्त कृपा करे तो कृपण नही होना चाहिए।’ बताया, बरेली का अर्थ दुल्हन होता है, जो बेहद सौम्य, शांत और आदर्श चरित्र का प्रतीक है।

‘ऐ मेरे पैर के छालों तुम लहू उगलो’

अपराधों के बारे में बताते हुए मोरारी बापू ने देह अपराध और राष्ट्र अपराध के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि देह की सेवा करनी चाहिए। राष्ट्र के प्रति समर्पित होना चाहिए। उन्होंने किसी राजनीतिक पार्टी व राजनेता का नाम लिए बगैर ही एयर स्ट्राइक पर सबूत मांगने वालों पर तंज कसते हुए शेर पढ़ा‘ए मेरे पांव के छालों तुम लहू उगलो, कुछ सिरफिरे लोग मंजिल का निशां मागेंगे’।
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