बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ विवि के एक कर्मचारी के बेटे ने सरेराह छेड़खानी की थी। संबंधित मामले में विवि की जांच समिति ने गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर वूमेन ग्रीवांस रिड्रेसल सेंटर कमेटी को सौंप दी है। माना जा रहा है कि विवि ने आरोपी को दोषी मानते हुए कई अहम तथ्यों के साथ रिपोर्ट सौंपी है। जिस पर ग्रीवांस सेल नए सिरे से जांच कर निर्णय देगी।
सनद रहे कि करीब दस दिन पहले विवि कर्मचारी के एमबीए में पढ़ रहे बेटे ने एमएससी की छात्रा से मोबाइल नंबर मांगा था, जिसे न देने पर उठा ले जाने की धमकी दी थी। इतना ही नहीं जब छात्रा ने एक सुरक्षा गार्ड से मदद मांगी तो उसने आरोपी की तरफदारी करते हुए छात्रा को अपशब्द कहे। मौके पर मौजूद छात्रों ने छात्रा को बचाया। इस बीच आरोपी युवक फरार हो गया, जिसके बाद विवि में एबीवीपी के पदाधिकारियों ने सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग करते हुए कुलपति का घेराव किया था। मामला तूल पकड़ने पर विवि ने छात्र को सस्पेंड कर जांच समिति गठित कर मामले की रिपोर्ट मांगी थी। बताते हैं कि आरोपी छात्र का पिता विश्वविद्यालय में ही कर्मचारी है और कुलपति का करीबी है। ऐसे विवि प्रशासन ने मामले को पहले दबाने के लिए छात्रा से छेड़छाड़ के बजाय मारपीट का मामला बनाना चाहा। पर फजीहत होने पर जांच समिति गठित की।
नए सिरे से होगी मामले की जांच
विवि के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर बीआर कुकरेती ने बताया कि ग्रीवांस सेल सौंपी गई जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए नए सिरे से पूरे मामले की जांच करेगी। बताया कि पूछताछ के लिए फरार आरोपी युवक को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचा। ऐसे में उसे दोषी मानते हुए रिपोर्ट तैयार कर ग्रीवांस सेल को सौंपी है। जिसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर विवि प्रशासन निर्णय लेगा।
ग्रीवांस सेल की टीम
ग्रीवांस सेल में विवि की बिजनेस एडमिनिस्स्ट्रेशन की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. तूलिका सक्सेना को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा टीम में विवि के लॉ टीचर डॉ. अशोक कुमार, मानविकी विभाग की डॉ. अनीता त्यागी समेत डॉ. रजनी, सुमन सिंह, शोध छात्र रवि गंगवार, छात्र समिति की इंदू कुमारी, सुविकृति श्रीवास्तव और मानव शुक्ला को सदस्य बनाया गया है।