बरेली। डीआईओएस ने बिना मान्यता चल रहा नंदलाल सरन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहेड़ी बंद कराया तो कार्यालय के ही एक बाबू ने 40 हजार रुपये लेकर फिर खुलवा दिया। डीआईओएस को दोबारा शिकायत मिली तो उन्होंने टीम भेजकर जांच कराई। स्कूल संचालित मिला, जिसके बाद स्कूल में ताला डलवाकर उसका नाम भी पुतवा दिया गया। बाहर लिख दिया कि यह स्कूल फर्जी है। प्रबंधक ने आरोप लगाया कि बाबू ने उनसे 40 हजार रुपये लेकर स्कूल खुला रखने को कहा था।
दरअसल डीआईओएस ने पिछले दिनों स्कूलों का निरीक्षण किया था। बहेड़ी के नंदलाल सरन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की मान्यता नहीं मिली तो उसे बंद करने के निर्देश दिए थे। बाद में स्कूल प्रबंधक डीआईओएस कार्यालय के एक बाबू से मिले। बाबू ने 40 हजार रुपये लेकर प्रबंधक से कहा कि इस साल तक स्कूल चलाइए। अगले साल मान्यता ले लेना। तब तक वह संभाल लेगा। डीआईअेाएस ने दोबारा निरीक्षण कराया तो पोल खुल गई। प्रबंधक से पूछा तो उसका कहना था कि बाबू ने पैसे लेकर स्कूल संचालित रखने को कहा था। डीआईओएस ने बाबू से पूछा तो उसने आरोपों से इंकार कर दिया। डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा ने बताया कि नंदलाल सरन स्कूल की मान्यता नहीं थी। उसे बंद करा दिया। स्कूल प्रबंधक के आरोपों की जांच कराई जाएगी।