बरेली। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर तय समय से 20 दिन पहले बर्फबारी और बूंदाबांदी होने से बरेली समेत पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में आ गया है। पहाड़ों पर जो बर्फ जनवरी के पहले या दूसरी हफ्ते में गिरती थी, वह इस बार नवंबर के आखिरी और दिसंबर के दूसरे हफ्ते में तीन बार गिर चुकी है और बूंदाबांदी भी हो रही है। ऐसे में आने वाले चार या पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। सुबह-शाम मध्यम और घना कोहरा पड़ने के साथ दिन में धूप खिलेगी, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से शीतलहर का प्रकोप बढ़ेगा।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से भूमध्य सागर से उठने वाली ठंडी हवाएं दिसंबर के दूसरे हफ्ते से ही ठंड का कहर बरपाने लगी हैं। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर तय समय से 20 दिन पहले बर्फबारी होने से बरेली समेत पूरा उत्तरी भारत शीतलहर की चपेट में है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस था। अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया। यह 19.7 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था। अगले पांच दिन आसमान में न बादल रहेंगे, न ही बारिश की कोई संभावना है, लेकिन शुष्क और साफ मौसम के बीच सर्द हवाएं ठंड से कंपकंपी छुड़ाएंगी।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों पर पूर्व में हो चुकी बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के प्रकोप से धूप खिलने के बावजूद दिन में ठंड बनी रहेगी। सुबह-शाम मध्यम घना कोहरा रहेगा। न्यूनतम तापमान में गिरावट होने से सर्दी का प्रकोप बढ़ेगा।