बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के लिए काबलियत नहीं ऊंची पहुंच चाहिए। पिछले दिनों मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में एक गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति से यह बात भी साबित हो गई। विश्वविद्यालय के ही एक रसूकदार अफसर ने अपनी पहुंच के दम पर इंटरव्यू में फेल अपने बेटे को बैकडोर से नियुक्ति दिला दी। नियुक्ति होते ही इंजीनियरिंग विभाग में यह सवाल उठने लगे हैं कि इंटरव्यू में फेल अभ्यर्थी को कैसे रखा जा सकता है। आखिर वेटिंग लिस्ट वाले को क्यों नहीं बुलाया गया।
इस शैक्षिक सत्र में विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के लिए हुए इंटरव्यू में विश्वविद्यालय के एक अफसर के बेटे ने भी इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू में वह फेल हो गया। चयन सूची जारी हुई तो उसमें कुछ अभ्यर्थियों को वेटिंग लिस्ट में रखा गया। पिछले दिनों मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में एक जगह खाली हुई तो वेटिंग लिस्ट वाले को बुलाने की जगह इंटरव्यू में फेल अफसर के बेटे की नियुक्ति कर दी गई। शिक्षकों को हैरानी इस बात पर है कि वेटिंग लिस्ट वाले को न बुलाकर इंटरव्यू में फेल अभ्यर्थी को क्यों बुलाया गया। यह भी चर्चा है कि नियुक्ति के बाद वह क्लास में पढ़ाने भी नहीं जाता। अब इसे लेकर बाकी गेस्ट फैकल्टी में रोष है। डीन आईटी प्रोफेसर एके गुप्ता का कहना है कि प्रशासन से आदेश आया था। इसके अलावा उन्हें कोई जानकारी नहीं है।