अस्थायी कर्मचारियों के दफ्तर में घुसकर अभद्रता करने से आहत प्राचार्य ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बारादरी थाने में तहरीर दे दी है। इधर, इस मामले में सोमवार को प्राचार्य ने डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात की। डीएम के सुरक्षा का भरोसा दिलाने पर प्राचार्य ने अनिश्चितकाल के लिए बंद बरेली कॉलेज को 24 अगस्त से खोलने का फैसला किया है।
अस्थायी कर्मचारियों ने पूरे साल का वेतन देने की मांग को लेकर प्राचार्य कार्यालय में 16 अगस्त को जमकर हंगामा किया था। इस दौरान प्राचार्य के साथ न केवल धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई, बल्कि उनकी कुर्सी पर भी थूक दिया गया। इससे आहत होकर प्राचार्य ने कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया था। रविवार को प्रबंध समिति की बैठक में कॉलेज खोलने का निर्णय प्राचार्य के विवेक पर छोड़ दिया गया। प्रबंधन ने स्पष्ट कह दिया कि कॉलेज बंद करना और खोलना प्राचार्य का विशेषाधिकार है। प्राचार्य पुलिस और प्रशासन का सहयोग लें और परिस्थिति अनुकूल होने पर ही कॉलेज खोलें। सोमवार शाम प्राचार्य डीएम से मिले और हालात से अवगत कराया। प्राचार्य ने कहा कि वह कॉलेज बंद करने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जब कर्मचारियों ने सारी हदें पार कर दीं और वह खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे तब कॉलेज बंद करने का निर्णय लिया। डीएम ने प्राचार्य को आश्वासन दिया कि ईद के बाद कॉलेज खोलें। उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा। प्राचार्य के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्रता की उनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दें। डीएम से आश्वासन मिलने के बाद प्राचार्य ने 24 अगस्त से कॉलेज खोलने का निर्णय लिया। कर्मचारी यूनियन के सचिव हरीश मौर्या, वीरेंद्र और रामपाल के खिलाफ प्राचार्य ने बारादरी थाने में तहरीर दी है। इसकी एक प्रतिलिपि डीएम को भी सौंपी है।