तीन तलाक पीड़ित रजिया की मौत का आरोपी उसका पति नईम फिलहाल जेल में ही रहेगा। उसकी जमानत के लिए दी गई अर्जी सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है।
जिला अस्पताल में दम तोड़ने से पहले रजिया ने खुद ही अपने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के मुताबिक रजिया का नईम से 14 साल पहले निकाह हुआ था। रजिया का आरोप था कि नईम उसे अक्सर शराब पीकर मारता-पीटता था। रजिया की मौत से दो महीने पहले भी उसने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। फिर तीन तलाक देकर उसे अपने मामा के घर में कैद कर लिया था। उसे खाने-पीने को भी कुछ नहीं दिया गया। रजिया के मुताबिक यहां उसकी गला दबाकर हत्या करने की योजना थी लेकिन किसी तरह उसके मायके वालों को उस पर हो रहे जुल्म का पता चल गया और उन्होंने पुलिस की मदद से उसे मुक्त कराया, लेकिन तब तक रजिया की हालत काफी खराब हो चुकी थी। यह मामला मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी की जानकारी में आया तो उन्होंने रजिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां भी उसे ठीक से इलाज नहीं मिला और उसने दम तोड़ दिया। इससे पहले रजिया के बेटे की भी कुपोषण की वजह से मौत हो चुकी थी।
रजिया की मौत के बाद पुलिस ने उसके शौहर नईम को गैर इरादतन हत्या के आरोप में जेल भेजा था। हाल ही में सत्र न्यायालय में उसकी जमानत के लिए आर्जी दाखिल की गई थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।