बरेली। दूसरे जिलों से ट्रांसफर होकर आई शिक्षिकाएं मनचाही तैनाती न मिलने से आवंटित स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं ले रही हैं। संशोधन का प्रार्थनापत्र लगाकर ज्यादातर चिकित्सा अवकाश पर हैं, जबकि बीएसए ने उन्हें नोटिस देकर ज्वाइनिंग के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। इससे शिक्षिकाओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है। इससे परेशान होकर शिक्षिकाओं ने मंगलवार को पहले डीएम आवास में घुसने की कोशिश की लेकिन बाद में डीएम ने उन्हें अपने कार्यालय आने को कहा। बाद में डीएम प्रशासन के सामने शिक्षिकाओं ने यह दिक्कत बयां की बहुत दूर स्कूल मिलने से वहां आते-जाते लफंगे छेड़ते हैं तो कुछ ने छोटे बच्चों का हवाला देते हुए नजदीक तैनाती की मांग की।
जून में दूसरे जिलों से 415 शिक्षिकाएं दूसरे जिलों से स्थानांतरित होने आई थीं। बेसिक शिक्षा विभाग ने जुलाई में काउंसलिंग कराने के बाद स्कूलों का आवंटन तो कर दिया लेकिन करीब सवा दो सौ शिक्षिकाओं ने मनचाहा स्कूल न मिलने से वहां अब तक ज्वाइनिंग ही नहीं ली है। इसमें ज्यादातर मेडिकल अवकाश पर चल रही हैं। इधर, करीब माहभर यूं ही गुजर जान के बाद तनुजा त्रिपाठी ने जब शिक्षिकाओं को तीन दिन के अंदर स्कूल में ज्वाइनिंग करने का नोटिस जारी किया तो अब हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार तो ऐसी तमाम शिक्षिकाएं डीएम आवास के अंदर घुसने लगी। इस पर डीएम ने उन्हें वहीं रोक लिया और उन्हें कलेक्ट्रेट के कार्यालय पहुंचने की बात कही। बाद में उन्होंने एडीएम प्रशासन से शिक्षिकाओं की दिक्कत सुनने को कहा। एडीएम को दिक्कत बताते हुए तमाम शिक्षिकाओं के आंसू भी आ गए। बीएसए तनुजा त्रिपाठी का कहना है कि संशोधन के लिए अभी कोई आदेश ऊपर से नहीं आए हैं।