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बरेली में चार बार बदल चुकी है माफियाओं की सूची

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चार बार बदल चुकी है भूमाफिया की सूची
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अब एडीजी नए सिरे से कब्जेदारों को करा रहे चिह्नित
बरेली। शासन के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने आठ दिसंबर, 2017 को जिले के टॉप-10 भूमाफिया चिह्नित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उस समय प्रशासन ने जिले में टॉप-10 भूमाफिया चिह्नित किए थे। हालांकि जिले में कुल 41 भूमाफिया चिह्नित किए गए थे। दबाव में पुलिस ने छोटे-मोटे कब्जेदारों को चिह्नित कर भूमाफिया की सूची भेज दी। तब से जमीन पर अनधिकृत कब्जा करने वालों की सूची चार बार बदल चुकी है। किसी भूमाफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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प्रशासन ने 14 दिसंबर, 2017 को टॉप-10 भूमाफियाओं की सूची जारी की थी। इसमें शहर के 30 से ज्यादा बड़े माफिया को छोड़कर गांवों के गरीब और छोटे-मोटे कब्जेदारों को शामिल कर खानापूरी कर दी गई। टॉप-10 भूमाफिया में ज्यादातर नाम गांवों के थे। कोई भी नामी भूमाफिया इसमें शामिल नहीं था। इसके बाद प्रशासन ने जिन 41 भूमाफिया को चिह्नित करने का दावा किया था, उनमें नहर की जमीन पर कब्जा करने वाले 22 भूमाफिया में से (जिन पर मुकदमे भी चल रहे हैं) एक का भी नाम शामिल नहीं था। जब भूमाफिया की सूची पर सवाल उठे तो शहर के अलावा तहसील स्तर पर भूमाफिया की संशोधित सूची बनाने को कहा गया। दो बार फिर से भूमाफिया की सूची बनाई गई, लेकिन वह भी अंतिम नहीं थी। पुरानी सूची खारिज होने के बाद हाल ही में आए एडीजी प्रेमप्रकाश ने मंडल स्तर पर भूमाफिया की नई सूची बनाने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए हैं।
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