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जेई आंदोलन पर, प्राइवेट कर्मी अवैध वसूली में जुटे

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लाइट - फोटो : अमर उजाला
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बरेली।
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कुतुबखाना उपकेंद्र पर विधायक और उनके समर्थकों के साथ हुए विवाद के बाद जेई संगठन ने चेकिंग और राजस्व वसूली से हाथ खींच लिया। इसका फायदा प्राइवेट कर्मियों ने उठाते हुए विभिन्न स्थानों पर अपने स्तर से चेकिंग शुरू कर दी है। कई स्थानों पर अवैध वसूली होने की शिकायतें मिल रही हैं। पुराना शहर में एक टीम सुबह होते ही पहुंच गई और कई लोगाें से वसूली कर चलते बने, जबकि विभाग को इसकी कोई जानकारी तक नहीं है।
जेई संगठन ने शहर में 11 अगस्त से चेकिंग और राजस्व वसूली अभियान ठप कर दिया, इसलिए संविदा और प्राइवेट कर्मियाें की मौज आ गई है। इसमें विभागीय विजिलेंस कर्मी भी शामिल हो गए हैं।
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रविवार सुबह करीब आठ बजे चेकिंग टीम नई बस्ती इलाके में पहुंची और चुपचाप गलियों में वीडियोग्राफी कराई। रात में कटिया वाले चिह्नित कर लिए, इसके बाद अवैध टीम ने विजिलेंस टीम के सदस्य बुला लिए, लोगों के दरवाजे खटखटाए और चोरी करने का सबूत दिखाकर वसूली शुरू कर दी। दर्जन भर लोगों से पांच-पांच हजार रुपये लेकर चंपत हो गए।
करीब साढ़े दस बजे केबल बदलने की टीम पहुंची और सभी कनेक्शन काटकर बिल देखना शुरू किया। लोगों ने बताया कि इससे पहले चेकिंग टीम द्वारा क्षेत्र में चेकिंग के नाम पर वसूली हो चुकी है। इस पर केबल बदलने वालों ने बताया कि जगतपुर उपकेंद्र से कोई टीम नहीं आई है, तब अवैध वसूली का खुलासा हुआ।
जेई आरके झा ने बताया कि सुबह साढ़े दस से शाम तक जर्जर लाइनें बदली गईं और बिल देखकर कनेक्शन जोड़ दिए गए, लेकिन उन्होंने वीडियोग्राफी और विजिलेंस चेकिंग से इंकार किया। विजिलेंस जेई बबलू कुमार ने भी कहा है कि नई बस्ती में कोई चेकिंग नहीं हुई है। अवैध टीम को लेकर वरिष्ठ अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
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रिश्वत लेने का वीडियो वायरल
रविवार दोपहर अचानक एक वीडियो वायरल हुआ, इसमें कर्मचारी रिश्वत लेते दिखाए गए हैं। वीडियो जारी कर्ता का दावा है कि इसमें हरुनगला से जुड़े कर्मचारी काम के बदले रुपये ले रहे हैं।
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