जिला अस्पताल के डॉक्टरों की पोस्टमार्टम ड्यूटी पर किसी तरह विवाद शांत हुआ था लेकिन शनिवार को सीएमओ के एक पत्र से फिर बखेड़ा शुरू हो गया। दरअसल, जुलाई माह में पोस्टमार्टम करने के लिए डॉक्टरों की जो सूची बनी है उसमें संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुबोध शर्मा की पत्नी डॉ. अलका शर्मा की भी ड्यूटी लगाई गई है। शनिवार को एडी एसआईसी डॉ. केएस गुप्ता को सीएमओ की ओर से पत्र मिला कि डॉ. अलका शर्मा की ड्यूटी हटाकर उनकी जगह डॉ. किरन बाला की ड्यूटी लगाई जाए। यह जानकारी जब अन्य डॉक्टराें को हुई तो वे उखड़ गए। उन्होंने आधे घंटे के लिए अपना काम रोक दिया और हंगामा करने एडी एसआईसी के कमरे में पहुंच गए। डॉ. किरन बाला ने भी आपत्ति जताई।
पिछले आठ माह से पोस्टमार्टम ड्यूटी को लेकर विवाद चल रहा है। जिला अस्पताल के डॉक्टर अकेले पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी नहीं लेना चाह रहे हैं, उनकी मांग है कि इसमें सीएचसी पीएचसी के डॉक्टरों को भी लगाया जाए। सीएमओ की ओर से राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित होने की बात कहकर ग्रामीण डॉक्टराें को नहीं लगाया जा रहा था। इससे विवाद बढ़ गया। एडी हेल्थ डॉ. प्रमिला गौड़ के हस्तक्षेप के बाद अंतिम सूची बना दी गई, लेकिन शनिवार को फिर विवाद हो गया। एडी एसआईसी से विरोध जताने आई डॉ. किरन बाला ने कहा कि मेरी अलग से ड्यूटी लग जाती तो ठीक है लेकिन मैं डॉ. अलका शर्मा की जगह ड्यूटी क्यों करूं जबकि कोई कारण नहीं बताया गया है। डॉ. किरन बाला ने कहा कि वह 57 साल की हैं और चिकित्सा अधीक्षक हैं इस वजह से उनकी ड्यूटी नहीं लग सकती। उनके साथ डॉ. एमपी सिंह, डॉ. दिग्विजय, डॉ. सुनील यादव, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. राजकुमार भी विरोध जताने पहुंचे। डॉ. केएस गुप्ता ने कहा कि सीएमओ नोडल अधिकारी हैं वह ड्यूटी लगाने और हटाने के लिए अधिकृत हैं।
मैने डॉ. आलोक चंद्रा को पोस्टमार्टम ड्यूटी का नोडल अधिकारी बना दिया है। ड्यूटी लगाने और हटाने की जिम्मेदारी उनकी ही है। डॉ. अलका शर्मा की ड्यूटी हटाने के संबंध में मुझे जानकारी नहीं।
डॉ. विजय यादव, सीएमओ