बरेली। नवरात्र के पहले दिन जिले में करीब दो सौ बेटियों ने जन्म लिया। परिजन ने उनके नाम लक्ष्मी और वैष्णवी आदि रखे हैं। सिर्फ महिला अस्पताल में ही आठ बेटियों का जन्म हुआ। महिला अस्पताल में जिन कन्याओं का जन्म हुआ, उनके परिजन ने कहा कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं है। नवरात्र में बेटियों का जन्म लेना मां दुर्गा का आशीर्वाद है। भाग्यशाली लोगों के घरों पर ही नवरात्र में कन्या जन्म होता है। अगर बेटियां नहीं होंगी तो नवरात्र में लोग कन्या भोज कैसे कर पाएंगे।
शहर निवासी प्रसूता की तीमारदार आरती ने बताया कि सुबह छह बजे जन्मे जुड़वा बच्चों में एक बेटी और एक बेटा है। उनके नाम शिव और शक्ति रखेंगे। इस पर उनके दादा-दादी ने भी सहमति जता दी है। महिला अस्पताल में सुबह छह बजे कोहाड़ापीर निवासी अमित कुमार की पत्नी मोनी ने बेटी को जन्म दिया। उन्होंने उसका नाम वैष्णवी या फिर लक्ष्मी रखने की बात कही। जन्मी बेटियों में छह का जन्म सामान्य प्रसव और दो का सिजेरियन से हुआ है।
बेटी के जन्म पर बांटी मिठाई
निजी नर्सिंग होम संचालिका डॉ. प्रगति अग्रवाल के मुताबिक अस्पताल में बेटी का जन्म होने पर प्रसूता के परिजन ने सभी स्टाफ और भर्ती अन्य मरीजों को मिठाई बांटी। डॉ. भारती सरन ने बताया कि अब लोगों की सोच बदल रही है। परिवार नियोजन को लेकर सजग हैं। बेटा हो या बेटी, उन्हें सिर्फ दो बच्चे ही चाहिए।
पहले दिन हुए 155 बैनामे, आज से संख्या और बढ़ने की उम्मीद
बरेली। पितृ पक्ष में ठंडा पड़ा संपत्ति की खरीद-बिक्री का काम नवरात्र के पहले दिन खूब दौड़ा। उप निबंधक प्रथम और द्वितीय के यहां 155 लोगों ने जमीन-मकान के बैनामा कराएं हैं। दस्तावेज लेखकों और ई-स्टांप विक्रेताओं में भी खुशी देखने को मिली। बैनामा लिखाने के लिए इनके काउंटरों पर भी कतार रही।
उप निबंधक द्वितीय राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि नया सर्किल रेट लागू होने से अगस्त में जमीन-भवनों आदि की रजिस्ट्री की संख्या में गिरावट आई थी। फिर पितृ पक्ष शुरू हो गए। इसलिए भी गति सुस्त रही। अब सोमवार से नवरात्र शुरू हुआ तो पहले ही दिन उनके कार्यालय में 75 बैनामे हुए। इनसे 60 लाख रुपये राजस्व मिला। मंगलवार से बैनामों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है, क्योंकि पहले दिन ज्यादातर परिवार कलश स्थापना और पूजन आदि में व्यस्त रहते हैं।
उप निबंधक प्रथम रवि प्रकाश वर्मा ने बताया कि उनके यहां सोमवार को 80 बैनामे हुए। पितृ पक्ष की कमी नवरात्र में पूरी होने की उम्मीद है। दस्तावेज लेखक कल्याणकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा नवरात्र के पहले दिन काम बढ़ा है। मंगलवार से बैनामों की संख्या और बढ़ेगी। संवाद