नए मिले संक्रमितों में सीएचसी फरीदपुर के चार कर्मी, इफको टाउनशिप की सात वर्षीय बच्ची समेत चार लोग शामिल
बरेली। कोरोना संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को एक और संक्रमित की मौत होने के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 22 तक पहुंच गया है। वहीं, आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट में चार और कारपोरेट लैब की जांच में 16 व्यक्ति और संक्रमित मिले हैं। इनमें सीएचसी फरीदपुर के चार कर्मी, इफको टाउनशिप की सात वर्षीय बच्ची समेत चार लोग शामिल हैं।
जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार के मुताबिक, सुभाषनगर के शांति विहार में रहने वाले सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी की बुधवार देर रात मौत हो गई। वह कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती थे। इधर, आईवीआरआई से गुरुवार को मिली 1047 सैंपल की रिपोर्ट में सीएचसी फरीदपुर के चार कर्मी संक्रमित मिले हैं। वहीं, कारपोरेट लैब की जांच में आंवला इफको टाउनशिप की एक सात वर्षीय बच्ची समेत चार व्यक्ति, शांति विहार का एक व्यक्ति, चकमहमूद जोगी नवादा का एक व्यक्ति, पॉकेट बी नवाबगंज का एक व्यक्ति, सूफी टोला का एक व्यक्ति, मॉडल टाउन का एक बुजुर्ग, सदर बाजार का एक व्यक्ति, पवन विहार कॉलोनी की महिला, नेकपुर का व्यक्ति, मोहल्ला अंसारियन वार्ड तीन धौराटांडा का बुजुर्ग, मोहल्ला गांधी टोला नवाबगंज का व्यक्ति, भट्ट कॉलोनी का व्यक्ति, फरीदपुर कृष्णा मंदिर के पास का एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। ब्यूरो
संक्रमित मिली मलूकपुर में, सील कर दिया सैलानी
बरेली। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी कहें या संदिग्ध संक्रमितों की ओर से गलत पता दर्ज कराना, वजह चाहे जो हो इसका खामियाजा क्षेत्रवासियों को ही भुगतना पड़ रहा है। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो संक्रमितों के पते में ग्रीनपार्क दर्ज करने पर पॉश कॉलोनी में हड़कंप मच गया था। वहीं, अब एक नया मामला सामने आया है। जहां संक्रमित मिलने के बाद उसके रहने वाले स्थान को छोड़कर किसी दूसरे इलाके को सील कर दिया गया। इससे लोगों में आक्रोश है।
मलूकपुर में रहने वाली एक युवती 14 जुलाई को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। परिजन का आरोप है कि अस्पताल में महिला को भर्ती किया, मगर बगैर इलाज किए उसे जाने को कह दिया गया। जबकि दूसरी ओर भर्ती रहने के दौरान अस्पताल की ओर से महिला का सैंपल लेकर ट्रू-नेट मशीन से जांच को भेजा गया था। इलाज शुरू करने से पहले रिपोर्ट का इंतजार था। रिपोर्ट जैसे ही पॉजिटिव आई उसे एल-3 कोविड अस्पताल में रेफर कर दिया। इस दौरान परिजन की ओर से एक बड़ी चूक हो गई। वे बीते तीन माह से मलूकपुर में रिश्तेदार के घर रह रहे थे। मगर आधार कार्ड पर उनका मूल पता यानी सैलानी दर्ज था। परिजन ने मलूकपुर का पता ही दर्ज करा दिया था। इसकी वजह से रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर नियमानुसार दर्ज कराए गए पते पर ही प्रशासन से सीलिंग, नगर निगम से सैनिटाइजेशन कराने, स्वास्थ्यकर्मी से सर्वे कराने की संस्तुति कर दी गई।
सीलिंग का लोगों ने किया है विरोध
नियमानुसार महीने भर से जहां भी कोविड मरीज रहा रहा है, उस इलाके को सील किया जाना चाहिए। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने सीलिंग सैलानी में किए जाने पर आपत्ति भी जताई मगर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि अफसर मनमानी कर रहे हैं। सही सूचना देने पर भी सील नहीं खोली जा रही है। उन्होंने प्रशासन से सील हटाने की गुहार लगाई है।
सीएचसी पर सैंपलिंग शुरू, 799 सैंपल लिए
गुरुवार से जिले की सभी सीएचसी पर सैंपलिंग शुरू कर दी गई है। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कुल 799 सैंपल लिए गए हैं। उन्हें जांच के लिए शुक्रवार को आईवीआरआई भेजा जाएगा। मेडिकल मोबाइल यूनिट की एक टीम रेस्ट पर थी। दूसरी ने शेरगढ़ में 102, तीसरी ने मुडिया नवी बक्श से 62 सैंपल लिए हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, अब तक जिले में 406 एक्टिव केस हैं। 22 की मौत हो चुकी है।
सैंपलिंग कराने पहुंचा बुजुर्ग हुआ बेहोश
तीन सौ बेड अस्पताल में सैंपलिंग के लिए पहुंच रहे लोगों को भले ही स्वास्थ्य विभाग सुविधाएं मुहैया कराने का दावा कर रहा हो लेकिन लेटलतीफी से लोग परेशान हैं। बीते दिनों सैंपलिंग के दौरान होहल्ला हुआ था। गुरुवार को सैंपलिंग के लिए देहात क्षेत्र से पहुंचा एक बुजुर्ग काफी देर तक इंतजार करने के बाद बेहोश हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल का स्टाफ जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां उसका सैंपल लिया गया।
राहत की बात: 818 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव
गुरुवार को पहली बार जिले में सर्वाधिक सैंपल की जांच रिपोर्ट आईवीआरआई से मिली है। कुल 1047 सैंपल की मिली रिपोर्ट में महज चार लोग ही संक्रमित मिले। इससे पहले 818 सैंपल की 36 पन्नों की रिपोर्ट में एक भी पॉजिटिव न मिलने पर अफसरों ने राहत की सांस ली है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक ने बताया कि बड़ी तादाद में सैंपल की रिपोर्ट आई थी। इसमें पॉजिटिव का आंकड़ा अधिक होने की आशंका थी, मगर सब रिपोर्ट निगेटिव मिलना बेहतर संकेत है।