निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करके फर्जी आईडी बनाकर रुपये जमा कराए गए हैं। असद की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने निदेशक शशिकांत व भाजपा नेता सूर्यकांत मौर्य, मैनेजर अमित सिंह, सुनील बाबू व अन्य एजेंट व कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
रुपये दोगुना होने की उम्मीद में कराई थी 30 लाख की एफडी
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरम गली नंबर चार निवासी रूपकिशोर ने बताया कि 20 साल से वह खेती-किसानी से रुपये बचाकर मोहल्ले के एजेंट आनंद के जरिये कंपनी में उसे जमा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 30 लाख रुपये कंपनी में जमा किए। उम्मीद थी बेटियों की शादी तक रकम दोगुनी हो जाएगी, पर अब तो मूलधन के ही लाले पड़ गए हैं।
बदायूं के एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि एसआईटी गठित करने के साथ ही क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल और एसओजी को भी लगाया गया है। निवेशकों से बात कर उनकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित लोग एसआईटी के अध्यक्ष एसपी सिटी के सामने पेश होकर अपना प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।
100 से अधिक एजेंट, कई ने बंद किए फोन
एजेंटों को यह लालच था कि वह जितने अधिक लोगों से निवेश कराएंगे, उनका उतना ही अधिक कमीशन होगा। इस वजह से एजेंटों ने अपने नजदीकियों, रिश्तेदारों, दोस्तों से रुपये जमा कराए। अब कंपनी भागी तो कई एजेंट लापता हो गए हैं। कुछ रुपये दिलाने का भरोसा भी दे रहे हैं। कई ने अपने मोबाइल फोन ही बंद कर लिए हैं। जिले में 100 से अधिक एजेंट कंपनी के लिए काम करते थे। कंपनी में जिलेभर के 20 हजार से ज्यादा लोगों का करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं।
ईओडब्ल्यू को दी जाएगी जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराए जाने की तैयारी है। हालांकि, जब तक सभी पीड़ितों की बात पुलिस तक नहीं पहुंच पाती, तब तक एसआईटी ही जांच करेगी।