नगर निगम कार्यकारिणी ने विभिन्न मदों में संशोधन के बाद वर्ष 2016-17 में 2.81 अरब का बजट स्वीकृत कर दिया। इसमें (चालू वर्ष की क्लोजिंग बचत 73.99 करोड़) मिलाकर (जिसे अगले साल का ओपनिंग बैलेंस कहते हैं) 3.55 अरब की आमदनी का अनुमान लगाया गया है।
70 वार्डों के करदाताओं की सूची बनवाकर वहां से होने वाली टैक्स वसूली के हिसाब से बजट आवंटन पर चर्चा हुई। राजस्व बढ़ोत्तरी के लिए सहायक नगर आयुक्त विकास सेन से सीबीगंज और नदौसी में कृषि भूमि से किराया वसूली करने को कहा गया। यहां न्यायालय से पजेशन मिलने के बाद भी नगर निगम ने अब तक अपनी सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा नहीं ले पाया है। टैक्स नियमावली संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजने पर सहमति बनी। रोड कटिंग और मरम्मत 15 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 86 लाख की वसूली होने पर आपत्ति जताई गई। विज्ञापन, प्रेक्षागृह, ग्रह, भवन और सराय, जल की बिक्री, 14 वें वित्त, राज्य वित्त आदि मदों से आमदनी लक्ष्य से काफी कम होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। सांसद और विधायक योजना में पांच-पांच करोड़ की आमदनी का लक्ष्य पिछले कई साल से निर्धारित किया जा रहा है लेकिन दोनों मदों में जनप्रतिनिधि कोई पैसा नहीं देते। इसलिए राजेश अग्रवाल के सुझाव पर ये मद बजट से समाप्त कर दिए गए।
खर्च के लक्ष्य बढ़े
व्यय पक्ष में स्टाफ के वेतन भत्तों में 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई। स्मार्ट सिटी पर 10 करोड़ के खर्च का प्रावधान किया गया है। शहर की सफाई, डोर टू डोर, सफाई उपकरण खरीद, डीजल और पेट्रोल खर्च, पार्कों की मरम्मत आदि मदों में खर्च की रकम चालू वर्ष के बराबर रखी गई है। सड़क निर्माण में 31 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ कर दिए गए। रोड कटिंग में खर्च का लक्ष्य तीन गुना बढ़ाया गया है।
पंजीकृत कंपनी से खरीदेंगे एलईडी लाइटें
मेयर ने घोषणा की कि एलईडी लाइटों की खरीद सरकार में पंजीकृत कंपनी से की जाएगी। इसमें 80 वाट की एलईडी लाइट की कीमत 14 हजार से ज्यादा नहीं होगी। प्रत्येक पार्षद को वार्ड में लगाने के लिए अगले महीने 25 और 80 वाट की 50 लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन मदों में हुए संशोधन
1- विज्ञापन पर कर एक करोड़ से बढ़ाकर 1.25 करोड़ किया
2- बाजार और फेरीवालों से आय के लक्ष्य में 50 लाख की बढ़ोत्तरी
3- सांसद और विधायकों 5-5 लाख की योजना समाप्त
4- डोर टू डोर में खर्च का लक्ष्य 10 करोड़ से घटाकर छह करोड़
5- कर्मचारियों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति सात लाख से बढ़ाकर 25 लाख
6- भूमि सर्वेक्षण में खर्च पांच लाख से बढ़ाकर 25 लाख
6- दो स्कूलों की मरम्मत के लिए 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ का प्रावधान