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क्रेडिट कार्ड वाले 2.77 लाख किसान फिलहाल केंद्र सरकार की घोषणाओं के पहले हकदार

सार

20 लाख करोड़ के पैकेज में खेती-किसानी के लिए जो हिस्सा तय किया गया है, उसके पीछे सरकार का क्या नजरिया है, फिलहाल यह किसान ही नहीं समझ पा रहे हैं। दरअसल सरकारों की ओर से घोषित मदद को लेकर किसानों का अपना जो तजुर्बा है, वह काफी कड़वा है। वे कहते हैं कि सरकार की घोषणाएं बताती हैं कि वह उनकी दीन-हीन हालत पर द्रवित हैं लेकिन जब उन योजनाओं के क्रियान्वयन की नौबत आती है तो जादुई ढंग से सबकुछ गायब हो जाता है। न बैंक उनकी सुनते हैं न सिस्टम, यहां तक कि कई जनप्रतिनिधि भी उनके हिस्से का लाभ माफिया और अफसरों की सांठगांठ से हड़प जाते हैं। अनाज की सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार इसकी साफ मिसाल है। एक तरफ सरकार की घोषणाएं हैं, दूसरी उन्हें अपना गेहूं बिचौलियों को दो सौ से ढाई सौ रुपये तक के घाटे में बेचना पड़ रहा है। शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणाओं पर किसान खुश होने के बजाय इंतजार करने की बात कह रहे हैं। इन घोषणाओं से किसी की उम्मीद बंधी है तो कोई इन्हें फिलहाल दूर की कौड़ी बता रहा है। उधर, बैंक दावा कर रहे हैं कि वे केंद्र सरकार की घोषणाओं के क्रियान्वयन में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
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MSME Sector - फोटो : Social Media
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विस्तार
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ऋण के तौर पर मिलेेगी 50 हजार तक की अतिरिक्त धनराशि, ब्याज में भी तीन प्रतिशत की छूट
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बैंक और कृषि विभाग चलाएंगे नए कार्ड बनाने का भी अभियान

बरेली। जिले में फिलहाल 2.77 लाख किसान हैं जो क्रेडिट कार्ड धारक होने के नाते शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से की गई घोषणाओं के फिलहाल पहले हकदार हैं। बैंक अधिकारी कह रहे हैं कि किसानों को कृषि ऋण के तौर पर अतिरिक्त धनराशि मिलने के साथ उन्हें तीन प्रतिशत ब्याज छूट के लिए दो महीने की राहत देने की भी तैयारी है लिहाजा किसानों को इसका काफी लाभ मिलेगा।
किसान क्रेडिट कार्ड पर किसानों को अभी तक तीन लाख रुपये तक का सस्ता कर्ज सिर्फ कृषि कार्य के लिए किया दिया जाता है। अगर कोई किसान एक साल के अंदर यह रकम चुकता कर देता है तो उसे सात के बजाय सिर्फ चार प्रतिशत का ब्याज ही बैंक को देना होता है। वित्त मंत्री की घोषणा के बाद बैंकों को किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या और भी बढ़ानी है। बैंकों के मुताबिक अभी जिले में करीब पौने तीन लाख क्रेडिट कार्ड धारक किसान है।
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अधिकारियों का कहना है कि कृषि विभाग और बैंक मिलकर उन किसानों को क्रेडिट कार्ड देने का अभियान पहले से चला रहे है जो किसान सम्मान निधि में लाभार्थी है। जिले में इनकी संख्या 3.38 लाख है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि सरकार की घोषणा के बाद किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के सस्ते कर्ज की सीमा में बढ़ोत्तरी के साथ ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका फायदा मिलेगा। इसके लिए बैंकों को और भी ज्यादा क्रेडिट कार्ड जारी करने हैं।

मछुवारों-पशुपालकों को राहत देने का भी बनेेगा खाका

किसान कल्याण से जुड़ी 11 घोषणाओं में मछुवारों के लिए 20 हजार करोड़ का फंड के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए 53 करोड़ और पशुओं के टीकाकरण के लिए 13343 करोड़ खर्च करने की घोषणा की गई है। इसके बाद यहां कितने पशुपालकों और मछुवारों को इसका फायदा मिलेगा, पशुपालन और मत्स्य विभाग के लिए दूसरे कई विभागों के समन्वय से इसका खाका तैयार किया जाएगा।
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तीन महीने में वन नेशन-वन राशनकार्ड से मिलेगा फायदा
जिले में अभी 99 हजार अंत्योदय कार्डधारकों को मिलाकर करीब पौने आठ लाख कार्डधारक हैं। अभी इन्हें ही सस्ता राशन मिल पा रहा है जबकि वन नेशन वन राशनकार्ड के लागू होने के बाद लाभार्थी देश में कहीं भी पीडीएस यानी सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभार्थी बन सकेगा।

किसानों की बात..ये घोषणाएं नई बोतल में पुरानी शराब

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए कोई नई घोषणा नहीं की। प्रधानमंत्री की ओर से घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज का हिस्सा बताते हुए जो घोषणाएं उनकी ओर से शुक्रवार को की गई हैं, वह सबकुछ दरअसल पिछले बजट में ही हो चुकी हैं। वैसे भी ये सारी घोषणाएं दूरगामी हैं और किसानों को इनका कोई तत्काल फायदा नहीं मिल पाएगा जबकि उन्हें कोरोना के इस संकट के दौरान तुरंत आर्थिक मदद की जरूरत है। जिस तरह के आसार हैं, उससे साफ लग रहा है कि किसानों के हाथ इस बार भी सीधे कुछ हाथ आने वाला नहीं है। -अनिल साहनी, प्रगतिशील किसान

इन्हीं घोषणाओं से दुगनी होगी आय

केंद्र सरकार ने पहले ही कहा था कि वह 2022 तक किसानों की आय को दोगुना कर देगी, शुक्रवार को वित्त मंत्री की ओर से की गई घोषणाएं भी उसी दिशा में उठाया गया एक कदम माना जाएगा। लग रहा है कि कोरोना के दौर में किसानों की आय बढ़ाने का रास्ता इसी बजट से होकर निकलेगा। उन्नत बीज बैंक स्थापित करने के साथ केंद्र सरकार की ओर से लोन प्रक्रिया को आसान करने और औषधीय खेती को बढ़ावा देने की बात कही गई है जो काफी उत्साहजनक है। यह सब किसान को फायदा पहुंचाने वाले हैं। - डॉ. विकास वर्मा, प्रगतिशील किसान

बैंक अफसरों ने कहा

क्रेडिट कार्ड धारक किसानों को तीन लाख के अलावा 50 हजार रुपये का सस्ता ऋण और दिया जाएगा। इसके साथ तीन प्रतिशत की छूट 31 मार्च के बजाय 31 मई तक दी जाएगी। -पीके जैन, मंडल प्रमुख पीएनबी सभी बैंकों के साथ समन्वय कर किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने का लक्ष्य जल्द पूरा कराएंगे ताकि इससे छोटे किसानों को त्वरित राहत मिल सके। -ओपी बढेरा, लीड बैंक मैनेजर
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