बरेली। ज्यादा कॉपी जांचकर कमाई करने की होड़ में शिक्षक छात्र-छात्राओं के भविष्य से लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा कोई सख्त कदम न उठाने के चलते इस पर रोक नहीं लग पा रही है। किसी कॉपी में अंकों का जोड़ गलत है तो किसी में परीक्षक के साइन नहीं मिल रहे हैं। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय ने क्रॉस चेकिंग के लिए मूल्यांकन केंद्रों पर 175 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 26 मार्च से मुख्य परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन कार्य जारी है। तनख्वाह कम होने के कारण निजी डिग्री कॉलेज के शिक्षक मूल्यांकन में ज्यादा रुचि लेते हैं। उनका प्रयास रहता है कि अधिकाधिक कॉपी जांचकर ज्यादा राशि अर्जित कर सकें। इसी जल्दबाजी में वे विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने में भी नहीं चूकते और एक मिनट से भी कम समय में एक कॉपी जांच देते हैं। इसके चलते किसी कापी में अंकों का जोड़ गलत हो रहा है तो किसी में परीक्षक अपने साइन ही भूल जा रहे हैं। इस गड़बड़ी के चलते औसत दर्जे के विद्यार्थी तो पास हो जाते हैं लेकिन अच्छे विद्यार्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसको देखते हुए ही विश्वविद्यालय ने इन कॉपियों की क्रॉस चेकिंग के लिए चारों मूल्यांकन केंद्रों पर 175 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसमें केंद्र एक पर 44, केंद्र दो पर 45, केंद्र तीन पर 42 और केंद्र चार पर 44 कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी है।