बरेली। शहर में बिना नक्शा मंजूर कराए चल रहे अवैध नर्सिंग होम पर बीडीए और सीएमओ आमने-सामने आ गए हैं। बीडीए की ओर से सीएमओ को बीते दो साल में दर्जनों पत्र लिखे गए, जिनमें कहा गया कि जिन नर्सिंग होम का नक्शा बीडीए से स्वीकृत न हो, उसका रजिस्ट्रेशन न किया जाए। सीएमओ दफ्तर से किसी भी पत्र का जवाब न मिलने पर प्राधिकरण की ओर से दोबारा रिमाइंडर भेजा गया है। सीएमओ का कहना है कि वह सभी नर्सिंग होेम की सूची भेज रहे हैं। बीडीए जिस पर चाहे, उस पर अपने स्तर से कार्रवाई करे।
बीडीए उपाध्यक्ष डा. सुरेंद्र कुमार की ओर से नवंबर 2017 से जनवरी 2019 तक दर्जनों पत्र सीएमओ दफ्तर को लिखे जा चुके हैं। इसमें शहर की सीमा में बिना नक्शा मंजूर कराकर बिल्डिंग का निर्माण कराकर चलने वाले अवैध नर्सिंग होमो का पंजीकरण रद्द करने का अनुरोध किया गया था। हाल ही में लिखे गए पत्र में कहा गया कि पुराने जो नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, उनका नक्शा भी चेक कराएं। अगर नक्शा पास न हो, तो ऐसे नर्सिंग होम का पंजीकरण तुरंत रद्द कर दें। सीएमओ दफ्तर से अभी बीडीए को किसी भी पत्र का जवाब नहीं भेजा गया है। दो साल से लगातार चल रहे पत्र व्यवहार के बीच बीडीए ने सीएमओ दफ्तर को एक बार फिर से रिमाइंडर भेजा है, जिसमें कहा गया कि अवैध नर्सिंग होम के पंजीकरण रद्द करने के बारे में लिखे गए पत्रों में आपकीओर से अब तक किसी भी पत्र का जवाब नहीं भेजा गया है। इससे प्राधिकरण को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
बीडीए से अवैध नर्सिंग होम के पंजीकरण रद्द करने संबंधी पत्र आए हैं। मेरे दफ्तर में अवैध नर्सिंग होमो की सूची तैयार कर ली है। उसे हम जल्द बीडीए भेज रहे हैं। बीडीए अपने स्तर से उन पर कार्रवाई करे।
- डा. विनीत कुमार शुक्ला सीएमओ
शहर में बड़ी संख्या में अवैध नर्सिंग होम चल रहे हैं। बीडीए ने 200 नर्सिंग होम को नोटिस भी भेजा था। किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं भेजा। सीएमओ को पत्र लिखकर बिना नक्शा मंजूर हुई बिल्डिंग में चलने वाले नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन रद्द करने को कहा गया था। अब तक काई कार्रवाई नहीं हुईं। अब फिर से रिमाइंडर भेजा जा रहा है।
- डा. सुरेंद्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष बीडीए