बरेली। आयुष्मान के लाभार्थी को सरकारी या निजी चिकित्सालय में उपचार दिए जाने के प्रावधान के बावजूद एक परिवार को तीन अस्पतालों में भर्ती करने से मना कर दिया गया। परेशान परिवार गंभीर मरीज को लेकर जिला अस्पताल में सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के पास शिकायत करने पहुंचा। यहां उससे लिखित शिकायत पत्र लेने के बाद भोजीपुरा स्थित एक निजी अस्पताल भेज दिया गया।
सरकार की आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चुने गए लाभार्थियों को सरकारी या निजी अस्पताल में मुफ्त या सरकारी नियमानुसार भुगतान करके उपचार करा सकते हैं। इसके बावजूद निजी अस्पतालों में मरीजों को उपचार लेने में असुविधा हो रही है। इसी दौरान लिवर में इंफेक्शन से पीड़ित भोजीपुरा निवासी महिला को भर्ती करने से मना कर दिया। महिला के पति ने बताया कि पोस्टमार्टम रोड स्थित निजी अस्पताल समेत तीन अस्पतालों के चक्कर काट चुके हैं। मगर किसी ने भी भर्ती नहीं किया। महिला की हालत लगातार बिगड़ने पर परिवार सोमवार को सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के पास शिकायत करने पहुंचा। सीएमओ ने परिवार को निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर इन अस्पतालों की संबद्धता खत्म कर दी जाएगी।