बरेली। वर्ष 2010 में हुई कल्याण की हत्या में विशेष न्यायाधीश मयंक चौहान ने दोषी चंद्रसेन को उम्रकैद और पचास हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
29 मई 10 को गांव जनकपुर जिला रामपुर के रहने वाले ताराचंद ने थाना फतेहगंज पश्चिमी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा उसके गांव के दोदराज के बेटे नीरज की शादी 28 मई 10 को होनी थी। जिसमें दोदराज के रिश्तेदार अभियुक्त चंद्र सेन व दीप चंद पंद्रह बीस दिन पहले ही आ गए थे। वादी का घर दोदराज के बगल में ही है । वादी की नातिन पर इन दोनों की बुरी नजर थी । जब ताराचंद के बेटे कल्याण ने इसका विरोध किया तो दोनों ने उसकी पिटाई की। शादी वाले दिन भी अभियुक्त चंद्र सेन व दीपचंद ने कल्याण को मारा पीटा और उसका गला दबाया। भोजीपुरा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान कल्याण की मौत हो गई। दौरान मुकदमा अभियुक्त दीपचंद की मौत हो गई। अदालत ने अभियुक्त चंद्रसेन को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई और पचास हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया।