बरेली। शहर भर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का भूमिगत नेटवर्क बिछाया जा रहा है। जगह-जगह कार्यदायी संस्था सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) ने बोर्ड लगाए हैं कि किसी भी प्रकार की खुदाई करने से पहले कंट्रोल रूम अथवा संबंधित अफसरों से अनुमति ले ली जाए। क्योंकि लाइन में मौजूद गैस अति ज्वलनशील है। लाइन क्षतिग्रस्त होने से बड़ा हादसा हो सकता है। मगर इस सूचना को नजरअंदाज कर पिछले दिनों चौपुला स्थित भूमिगत लाइन खुदाई कर क्षतिग्रस्त कर दी। इससे आग लगी और भगदड़ मच गई। मौके पर पहुंची कंपनी की टीम ने किसी तरह स्थित पर काबू पाया गया। इस हादसे को कंपनी ने गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। साथ ही, पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि अवैध खुदाई करने वाले ठेकेदार/संस्था पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
चौपुला चौराहे पर पीएनजी लीक होने के मामले में सीयूजीएल प्रबंधन चौकन्ना हो गया है। क्योंकि शहर में कई बार अवैध खुदाई होने से आगजनी की स्थिति बन चुकी है। हालांकि, अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है। सीयूजीएल प्रबंधन ने चौपुला चौराहा पर हुए हादसे की जांच को वरिष्ठ अधिकारी एसएम सिद्दीकी को बरेली भेजा और रिपोर्ट मांगी। अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कहा कि अज्ञात लोगों ने लापरवाही से खुदाई की जिससे लाइन क्षतिग्रस्त हुई। इसके बाद सीयूजीएल प्रबंधन ने एसपी सिटी को पत्र लिखकर अवैध खुदाई करने वालों पर कार्रवाई का आग्रह किया है। पत्र में कहा है कि 13 जनवरी को किसी एजेंसी के ठेकेदार ने लाइन काट दी। इससे विभागीय क्षति हुई है। अगर समय रहते कंपनी का स्टाफ कार्रवाई नहीं करता तो हादसा हो सकता था।
मेरे पास सीयूजीएल अधिकारी आए थे और एक पत्र सौंप गए। कोतवाली पुलिस से कहा गया है कि इस पर विधिक कार्रवाई की जाए। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी