बरेली। नेता जी चाहते हैं कि उनके चहेते राणा जी के स्कूल को नियमों को ताक पर रखकर हाईस्कूल की मान्यता दे दी जाए। डीआईओएस के स्टेनो ने नियम बताए तो स्कूल प्रबंधक राणा उन्हें धमकाने लगे। मान्यता न होने पर ‘अंजाम अच्छा नहीं होने’ की धमकी भी दे डाली। धमकी से घबराए स्टेनो ने डीआईओएस से शिकायत की तो उन्होंने थाने में तहरीर देने को कहा। इसके बाद स्टेनो ने थाना बारादरी में स्कूल प्रबंधक राणा के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
स्टेनो के शिकायती पत्र के मुताबिक स्कूल प्रबंधक नेमचंद राणा ने बृहस्पतिवार सुबह उन्हें फोन किया था। ‘मंत्री’ जी का मामला बताते हुए अवंतीबाई लोधी स्कूल को हाईस्कूल की मान्यता देने को कहा। स्टेनो ने कहा कि आपके मानक पूरे होंगे तो साहब अवश्य ही मान्यता की कार्रवाई करेंगे, इसलिए पहले मानक पूरे करो। इस पर भड़के राणा ने कहा कि रिपोर्ट जानी है। यदि मान्यता नहीं हुई तो परिणाम अच्छा नहीं होगा, मौर्य जी। स्टेनो ने अजीत बाबू से स्वयं ही बात कर लेने को कहकर अपना पीछा छुड़ाया। वहीं चर्चा है कि धमकी देने के बाद शाम को स्कूल प्रबधंक राणा डीआईओएस ऑफिस भी पहुंचा।
तमाम खामियों के बावजूद चाहिए मान्यता
स्टेनो के मुताबिक मझगवां में अवंतीबाई लोधी जूनियर हाईस्कूल चल रहा है। हाईस्कूल की मान्यता लेने को स्कूल प्रबंधक ने डीआईओएस ऑफिस में आवेदन किया था। पैनल बनाकर मानकों की जांच कराई गई तो वे पूरे नहीं मिले। इसके बाद जनप्रतिनिधियों से दवाब बनवाया गया तो दोबारा जांच हुई। मगर मानक फिर भी पूरे नहीं मिले। कमरे छोटे थे, बाउंड्रीवाल नहीं थी और फर्नीचर भी कम था। निरीक्षण को गई टीम ने मौके पर ही मान्यता नहीं देने को लेकर स्पष्ट कर दिया और अगले साल पूरे मानकों के साथ आवेदन की सलाह दी गई।
डीआईओएस ने दिए रिपोर्ट के आदेश
राणा की धमकी से घबराए स्टेनो ने पूरे प्रकरण से डीआईओएस डॉ. अचल कुमार मिश्रा को अवगत कराया। इस पर डीआईओएस ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए तो उन्होंने थाना बारादरी में जाकर तहरीर दी। मगर बारादरी पुलिस ने तहरीर मिलने से इंकार कर दिया।
संबंधित स्कूल की जांच में अधूरे मानक मिले, जिन्हें पूरे करने के बाद ही मान्यता की संस्तुति किए जाने का सुझाव दिया गया है। बृहस्पतिवार को स्कूल प्रबंधक ने फोन कर स्टेनो के साथ अभद्र भाषा में बात की और धमकी दी। जानकारी होने पर मुकदमा दर्ज करवाने के आदेश स्टेनो को दिए। - डॉ. अचल कुमार मिश्रा, डीआईओएस