शोहदों को सबक सिखाने के लिए अब साहसी छात्राओं की पूरी फौज तैयार है। स्कूल कॉलेज हो या फिर रेलवे स्टेशन या चौराहा, शोहदों ने आंख उठाकर भी किसी लड़की को देखा तो साहसी उनको सबक सिखाने के लिए तैयार रहेंगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के मिशन साहसी के तहत प्रशिक्षित की गईं चार हजार से ज्यादा छात्राएं इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगी। मंगलवार को बरेली कॉलेज के मैदान पर मिशन साहसी के समापन के मौके पर इन छात्राओं ने शारीरिक कौशल का परिचय दिया। टाइल्स और घड़ों को अपने हाथ और पैरों से तोड़कर सभी को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।
एबीवीपी का मिशन साहसी 15 से 30 अक्तूबर तक 23 स्थानों पर चलाया गया। इसमें छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी गई। इसके तहत चार हजार से ज्यादा छात्राओं को प्रशिक्षित किया गया है। बरेली कॉलेज में हुए समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ठाकुर भवानी सिंह ने छात्राओं के प्रदर्शन को सराहा। कहा कि देश की हर बेटी को आत्मरक्षा करने के लिए तैयार होगा। तभी हमारी बेटियां पढ़ सकेंगी और आगे बढ़ सकेंगी। छात्राओं से कहा कि वह अपने कॉलेज, अपने क्षेेत्र में जाकर बाकी छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दें।
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि लड़कियां अपने अंदर छिपे साहस को परख रहीं और मौका आने मुंह तोड़ जवाब भी दे रही है। आज लड़कियां किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनीता त्यागी ने कहा कि खुद की रक्षा के लिए लड़कियों को जूडो कराटे भी आने चाहिए। एबीवीपी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताया। महानगर अध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने शानदार कार्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं को बधाई दी। इस मौके पर जिला संगठन मंत्री राहुल चौहान, महानगर मंत्री राहुल चौहान, योगेश पंडित, अपर्णा सिंह, मनोज यादव, अक्षत सिंह, सचिन चौहान आदि मौजूद रहे।