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बुराई पर हुई अच्छाई की जीत, रावण का हुआ अंत

Fri, 19 Oct 2018 11:49 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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आखिरकार जिस पल का इंतजार था, वह घड़ी शुक्रवार की रात साढ़े आठ बजे आ गई। जब राम ने रावण की नाभि में भरे अमृत कलश को बाण से सुखाकर रावण का वध किया। बुराई के प्रतीक के रूप में बना विशालकाय रावण अपने भाई कुंभकरण और बेटे मेघनाद के साथ धू-धू कर जल उठा और लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया। भगवान राम के हाथों रावण का वध होते ही मेला जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। परंपरानुसार लोग प्रतीकात्मक रावण की जली हुई अस्थियों को बला भगाने के लिए घर लेकर वापस लौटे।
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विजयादशमी के अवसर पर मेले में शाम ढलते ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जैसे-जैसे दिन ढलता गया मेले की खुमारी बढ़ती गई। मेले में कलाकारों ने कई पारंपरिक भजनों पर नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान आतिशबाजी का सिलसिला जारी रहा। मेले में मौजूद मुख्य अतिथि व पदाधिकारियों ने रावण के अंत के बाद लोगों को भाईचारा, सौहार्द और शांति की कामना की। पर्वतीय समाज रामलीला, जोगीनवादा रामलीला समिति, सुभाषनगर की रामलीला सभा, कटरा चांद खां समेत अन्य समितियों ने दशहरा मेला में बुराई का दहन किया।

दहन से पहले राम रावण का हुआ युद्ध
रावण दहन से पहले मेला समितियों की ओर से मैदान में राम रावण का युद्ध कराया गया। इस दौरान दोनों ओर की सेनाओं में भी खूब युद्ध हुआ। इसी बीच राम ने रावण पर तीर चलाया, जिससे रावण रूपी बुराई का हमेशा के लिए अंत हो गया। पुतला दहन होते ही लोग दर्शकदीर्घा से मैदान की ओर दौड़ पड़े। जिन्हें रोकने में मौजूद पुलिसकर्मी भी असमर्थ रहे। लोग जले रावण की प्रतीकात्मक अस्थियां अपने-अपने घर ले गए।
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मॉडल टाउन में दहन
बरेली दशहरा रामलीला समिति की ओर से रावण दहन किया गया। स्टेडियम रोड स्थित दशहरा ग्राउंड में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। शाम को श्री बांके बिहारी मंदिर से राजगद्दी शोभायात्रा निकाली गई, जो पारंपरिक मार्गों से होते हुए दशहरा ग्राउंड पहुंची। मेले में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, आईजी डीके ठाकुर, डीएम वीके सिंह ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। उद्घाटन मेयर उमेश गौतम ने किया। दहन से पहले आतिशबाजी प्रतियोगिता हुई। विजेता को पुरस्कार से नवाजा गया। फिर दहन के बाद आयोजन के समापन की घोषणा की गई। वहीं श्री रानी महालक्ष्मीबाई रामलीला समिति द्वारा रावण दहन मंचन के दौरान केंद्रीय मंत्री, मेयर समेत अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जानकारी मेला अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा ने दी।

गली-मोहल्लों और कॉलोनियों में भी फूंका गया रावण
मेले की भीड़ भाड़ और धक्का-मुक्की से बचने के लिए लोगों ने अपने अपने घरों या कॉलोनी में भी पुतला दहन किया। रावण दहन के लिए वह मार्केट से पुतला खरीदकर लाए और खुद ही पटाखे वगैरह बांधकर सामूहिक रूप से पुतला दहन किया। इसमें कालीबाड़ी, भरतौल, फाल्तूनगंज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कॉलोनी, मॉडल टाउन, इंद्रा पार्क, कटरा चांद खां, सिन्धुनगर, राधेश्याम इंक्लेव, प्रेमनगर, पवन विहार व अन्य कॉलोनियों में बच्चों ने घर के बेकार पड़े सामानों से रावण बनाकर उसका दहन किया। इसके अलावा मोहल्ला कहरवान बिहारीपुर के बच्चों ने भी चंदा जुटाकर रावण का पुतला तैयार किया और फिर उसे खुद अपने ही हाथों से सजा दी। अभि, अंकुर सक्सेना, आयुष अग्रवाल, रचित, अभिषेक, हर्ष और वंश शामिल रहे।
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