प्रभारी डीएम सत्येंद्र कुमार ने लेखपालों पर हड़ताल खत्म करने का दबाव बढ़ाते हुए लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार और महामंत्री भूषन सक्सेना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। 23 लेखपालों को निलंबित करने के बाद बाकी लेखपालों को भी प्रशासन ने नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है कि हड़ताल खत्म करो या फिर नौकरी छोड़ने के लिए तैयार रहो।
शासन ने लेखपालों की हड़ताल खत्म कराने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों पर डाल दी है। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने गुरुवार को 23 लेखपालों को निलंबित कर दिया और प्रोबेशन पर चल रहे 157 लेखपालों को नोटिस देकर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी, इसके बावजूद लेखपालों की हड़ताल जारी रही। शुक्रवार को लेखपालों ने अन्ना टोपी पहनकर तहसील सदर में धरना देकर सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई छेड़ने का एलान कर दिया। लेखपालों की इस चेतावनी की बात जब प्रशासनिक अफसरों तक पहुंची तो प्रभारी डीएम सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर एसडीएम सदर ने कोतवाली में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार और एसडीएम मीरगंज ने जिला मंत्री भूषन सक्सेना के खिलाफ मीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज करा दी।
‘हम कार्रवाई से डरने वाले नहीं’
सरकार लेखपालों की मांगों पर विचार करने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर उत्पीड़न करने में लगी हुई है। लेखपाल सरकार की इस कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई होगी। - संजीव कुमार, अध्यक्ष लेखपाल संघ