रोहतक समेत सभी केंद्रों के ध्यानार्थ--------
सबको रुला गई बदायूं की बेटी सुरभि
मुंबई विमान हादसे में गई जान, इकलौती बेटी अमेरिकी कंपनी में थी एयरबेस मैनेजर
छोटा भाई है मर्चेंट नेवी में अफसर, पति ब्रजेश कुमार हैं कामर्शियल पायलट
माता-पिता अंतिम दर्शन के लिए रवाना हुए ससुराल सोनीपत
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मुंबई में गुरुवार को हुए विमान हादसे में मरने वाले पांच लोगों में सुरभि गुप्ता बदायूं की रहने वाली थीं। वह अमेरिकी कंपनी में एयरबेस मैनेजर थीं। इस हादसे में उनके मरने की खबर यहां पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। सुरभि माता-पिता की इकलौती बेटी थी। गुरुवार को सुरभि की मौत की खबर आते ही उनके घर दुख जताने वालों का तांता लग गया। सुरभि के पिता वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्यप्रकाश गुप्ता और मां नर्गिस गुप्ता हादसे की सूचना मिलने के बाद दिल्ली रवाना हो गईं। सुरभि की ससुराल सोनीपत जाएंगे।
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर में सुरभि की मौत की खबर पहुंची तो पिता सूर्यप्रकाश और मां नर्गिस घर पर थीं। सुरभि के स्टाफ के के किसी सदस्य ने मुंबई से यह मनहूस खबर दी। बेटी की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। घर में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में बेटी को अंतिम बार देखने के लिए सूर्यप्रकाश और उनकी पत्नी रवाना हो गए। 34 वर्षीय सुरभि दोनों भाइयों से बड़ी थीं। उनसे छोटा भाई सुमित गुप्ता मर्चेंट नेवी में अफसर है तो उससे छोटा अंकुर गुप्ता जिओ कंपनी में अधिकारी।
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‘हे ईश्वर यह क्या किया’
सुबह पिता की फोन पर हुई थी बेटी से आखिरी बार बात
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। सुरभि के पिता सूर्यप्रकाश गुप्ता वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह आज कोर्ट नहीं गए। पत्नी से बोले, पता नहीं आज किसी काम में मन नहीं लग रहा। मन में तरह-तरह के खयाल आ रहे हैं। तब उनकी पत्नी ने कहा कि क्यों नहीं फोन पर बच्चों से बात कर लेते। तब सूर्यप्रकाश गुप्ता ने सुरभि से बात की। बेटी ने पापा का हालचाल पूछा, फिर मम्मी से बात की। सुरभि ने पापा से कहा कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना। बेटी से बात होने के बाद माता-पिता का मन कुछ हल्का हुआ। इसी बात को याद करके दोनों लोग बुरी तरह से सुबक पड़े। जब उन्हें बेटी की मौत की खबर मिली तो दोनों के मुंह से यहीं निकला कि ‘हे ईश्वर यह क्या हो गया’। लोग उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सच्चाई को कैसे झुठलाया जा सकता था कि सुरभि अब कभी घर नहीं आएगी।
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...महाराष्ट्र सरकार ने सम्मानित किया था सुरभि को
बदायूं। एयरबेस मैनेजर बनने वाली सुरभि गुप्ता उत्तर प्रदेश की पहली महिला थी। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने सुरभि को गत वर्ष सम्मानित भी किया था। वह बेहद मेधावी छात्रा रही। उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह कहती भी थी वह मुकाम हासिल करेगी जिसे लोग हमेशा याद करेंगे।
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एक साल पहले हुई थी सुरभि की शादी
बदायूं। सुरभि गुप्ता की शादी 19 जून 2017 को सोनीपत (हरियाणा) निवासी ब्रजेश कुमार के साथ हुई थी। ब्रजेश कुमार भी कामर्शियल पायलट के पद पर कार्यरत हैं।
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बेटों से कभी कम नहीं समझा सुरभि को
बदायूं। हर माता-पिता की इच्छा होती है कि उसके बच्चे बड़े होकर उनका नाम रोशन करें। सुरभि गुप्ता ने वो करके दिखाया भी। बचपन से बेहद मेधावी रही सुरभि खुद ही माता-पिता से कहती थी कि वह यह न समझें कि उनके दो बेटे हैं। उनके तीन बेटे हैं। वह भी वह काम करके दिखाएगी जिसे लोग नजीर के रूप में देखा करेंगे। इसीलिए अक्सर लोग सूर्यप्रकाश गुप्ता से कहते भी थे कि सुरभि तो बदायूं की कल्पना चावला से कम नहीं है।