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विवि गर्ल्स हास्टल विवाद

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विवि गर्ल्स हॉस्टल विवाद : रंग लाया छात्राओं का आंदोलन

हेडिंग---
चकाचक होगा हॉस्टल, मिलेगा साफ पानी

क्रासर--
- बुरा बर्ताव करने वाली मैट्रन को नोटिस, पंद्रह दिन में व्यवहार नहीं बदला तो कार्रवाई
- चीफ वार्डन पहुंचे गर्ल्स हॉस्टल, समय बढ़ाने को छोड़ बाकी मांगे होंगी पूरी

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल की बदहाली के खिलाफ छात्राओं का आंदोलन आखिरकार रंग लाया। शाम को हॉस्टल आने का समय बढ़ाने की मांग छोड़ कर बाकी मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मान लिया गया है। सोमवार को सफाई शुरू करा दी गई। बिजली व्यवस्था भी दुरुस्त कराई गई। छात्राओं से ठीक बर्ताव न करने वाली मैट्रन को नोटिस जारी किया गया है। उससे एक पत्र भी लिखवाया गया है कि पंद्रह दिन के अंदर वह अपना व्यवहार ठीक कर लेगी, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी।
गर्ल्स हॉस्टल की बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ छात्राओं ने महिला दिवस पर हॉस्टल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला था। गुस्साई छात्राओं ने रात में खाना तक नहीं खाया था। उनकी मांग थी कि शाम को हॉस्टल आने का समय बढ़ाकर साढ़े सात से आठ बजे किया जाए। साफ पानी मिले और बाथरूम साफ किए जाएं। बाथरूम में पानी इतना गंदा आता था कि लड़कियों को मुंह धोने के लिए बाहर से पानी लाना पड़ता था। सूत्रों की माने तो कुछ छात्राओं को चर्म रोग तक हो गया। इसके अलावा बिजली, हॉस्टल परिसर में गंदगी, मेडिकल सुविधाएं जैसी कई मांगे भी उठाई थी। मामला कुलपति तक पहुंचा। आखिरकार छात्राओं की मांगे पूरी करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन तैयार हो गया। चीफ वार्डन प्रोफेसर एके जेटली गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे और समस्याएं दूर कराने का आश्वासन दिया। छात्राओं के साथ गलत व्यवहार करने वाली मैट्रन को फटकार लगाई। उससे लिखित में स्पष्टीकरण भी लिया।
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कोट--
गर्ल्स हॉस्टल का शाम का अंतिम समय साढ़े छह बजे कर दिया गया है। इससे ज्यादा समय नहीं बढ़ाया जा सकता है। मैट्रन को नोटिस जारी किया है। सफाई, पानी, बिजली व अन्य व्यवस्थाएं दुुरुस्त कराई जाएंगी। सफाई का कार्य शुरू करा दिया गया है। -प्रोफेसर एके जेटली, चीफ वार्डन
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