बरेली। शहर में चौपट सफाई व्यवस्था लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। कुतुबखाना पर कूड़े के ढेर पर फिसलकर गिरे बुजुर्ग व्यापारी के पैर में फ्रैक्चर हो गया। इससे गुस्साए आसपास के व्यापारियों ने कुतुबखाना पर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया।
गांधीनगर निवासी 70 वर्षीय पवन अग्रवाल की कुतुबखाना पर लेदर उत्पादों की दुकान है। बृहस्पतिवार दोपहर वह दुकान से निकले तो पास ही कूड़े के ढेर पर फिसलकर गिर गए। उनके एक पैर में फ्रैक्चर हो गया। बेटे अमित अग्रवाल ने आसपास के व्यापारियों की मदद से उन्हें ले जाकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना से गुस्साए व्यापारियों ने कुछ देर बाद ही कुतुबखाना पर प्रदर्शन करने के साथ नारेबाजी की। व्यापारियों ने कहा कि सफाई व्यवस्था चौपट है। कर्मचारी गलियों का कूड़ा निकालकर मुख्य सड़क पर डाल देते हैं। कर्मचारी रोज कूड़ा नहीं उठाते इस कारण कूड़े के ढेर लगते हैं। इसके चलते पूरे बाजार में गंदगी रहती है। प्रदर्शन के दौरान नदीम शमसी, विजय गुप्ता, चंद्र गुलाटी, दीपक अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
खुद करनी पड़ती है सफाई
व्यापारियों ने बताया कि पूरी सड़क पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। हवा में कूड़ा उड़कर दुकानों में जाता है। इसके चलते कई बार तो उन्हें खुद ही सफाई करनी पड़ती है, मगर निगम अफसर सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
व्यापारियों की बात
कुतुबखाना पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। कई-कई दिन कूड़ा नहीं उठता है और उड़कर दुकानों में पहुंचता है। नगर निगम वाले ध्यान ही नहीं देते। - मुजाहिद इस्लाम, व्यापारी
शहर की यह प्रमुख सड़क है, फिर भी नगर निगम यहां की कई-कई दिन तक सफाई नहीं कराता है। कई बार हम लोग शिकायत भी कर चुके हैं लेकिन कोई नहीं सुनता। - अमित खंडेलवाल, व्यापारी
बाजार की सफाई व्यवस्था चौपट पड़ी है। कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हैं। पहले सफाई होती थी तो रुपये वसूले जाते थे। अब तो वह भी बंद कर दी गई है। - रवि अरोड़ा, व्यापारी
कुतुबखाना जैसे प्रमुख बाजार में गंदगी से हाल खराब है तो शहर की क्या स्थिति होगी। नगर निगम के अफसर पता नहीं क्या कर रहे हैं, जो सफाई भी नहीं करा सकते। - भगत सिंह, व्यापारी