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वुडरो स्कूल: प्रशासन ने नस दबाई तो इंसानियत याद आई

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बरेली। सिटी मजिस्ट्रेट ने सख्ती दिखाई तो वुडरो स्कूल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया। विधवा महिला के तीनों बच्चों की फीस कम करते हुए एक बच्चे की फीस के बराबर विधवा को राहत दे दी है। वहीं, नोटिस के अन्य बिंदुओं पर सिटी मजिस्ट्रेट को जवाब देने की तैयारी चल रही है।
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बृहस्पतिवार को वुडरो स्कूल में निरीक्षण के बाद सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया था। नोटिस में कहा गया था कि बड़ा बाजार में दर्जी चौक निवासी पूजा शर्मा के पति बालेश शर्मा की जनवरी में मौत हो चुकी है। पूजा की बेटियां तनिष्का, वंशिका और कनिष्का वुडरो स्कूल सिविल लाइंस में क्रमश: कक्षा चार, केजी और प्री नर्सरी में पढ़ती हैं। इससे परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, लिहाजा आरटीई के तहत बच्चों को फीस में राहत दी जाए। मगर स्कूल प्रबंधन ने राहत के बजाय बच्चों को निष्कासन का नोटिस थमा दिया। पूजा ने दोबारा शिकायत की तो सिटी मजिस्ट्रेट ने जिला प्रोबेशन अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के साथ स्कूल का निरीक्षण किया। वहां उन्होंने पाया कि एक स्कूल की मान्यता पर पांच अन्य शाखाएं संचालित हो रही हैं। खेल का मैदान, लाइब्रेरी, लैब, पार्किंग आदि की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। आरटीई का भी पालन नहीं हो रहा है। इस पर उन्होंने आठ बिंदुओं पर स्कूल को नोटिस दे दिया। नोटिस के बाद बैकफुट पर आए स्कूल प्रबंधन ने पूजा के तीनों बच्चों की फीस में थोड़ी-थोड़ी कमी करके एक बच्चे के बराबर फीस माफ कर दी है। बाकी बिंदुओं पर स्कूल प्रबंधन जवाब देने की तैयारी कर रहा है।

एक बच्चे की पूरी फीस माफ नहीं की जा सकती। ऐसे में तीनों बच्चों की फीस में थोड़ी-थोड़ी कमी करते हुए एक बच्चे के बराबर फीस माफ कर दी गई है। बाकी बिंदुओं पर जवाब दे दिया जाएगा। - कमला, वाइस प्रिंसिपल, वुडरो स्कूल
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