बरेली। रंगों का त्योहार होली गुझिया और मिठाई बगैर अधूरा ही होता है। नमकीन शामिल होते ही स्वाद दोगुना हो जाता है। बाजार में भी यही स्थिति है, जिधर देखो उधर गुजिया, मिठाई, नमकीन, बेकरी और गिफ्ट आइटमों की भरमार है। मंगलवार देर रात तक बाजारों में रौनक रही और लोगों ने जमकर खरीदारी की। हालांकि, पिछले कई दिनों से बाजार में खरीदारी का दौर चल रहा था। लेकिन खरीदारी के समय समझदारी भी जरूरी है क्योंकि मावा से बने आइटम और घटिया खाद्य तेल से बनी नमकीन आदि पकवान आपके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा व औषषि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की लापरवाही के चलते हर तरफ मिलावट और अधोमानक खाद्य वस्तुओं की भरमार है, ग्राहक क्या खरीदे क्या न खरीदे इसे लेकर असमंजस में है। मावा मंडी का तो हाल ही निराला है। मंडी में पहचानना मुश्किल है कि कौन असली और कौन नकली। किसी भी दुकान और आढ़त पर न तो कीमत लिखी होगी न ही असली मावा पहचानने के टिप्स लिखे हैं। यही स्थिति मिठाई और नमकीन बाजार में भी है। होली पर पनीर, दूध की भी मांग होती है, इनमें भी मिलावट हो रही है। फिर भी बावजूद ग्राहकों का जोश बाजार में कम नहीं दिख रहा। नए-नए आइटम खरीदने के लिए ग्राहक उत्साहित दिखे।
बाजार चमका, सौ करोड़ के पार
नमकीन, मिठाई, बेकरी, गारमेंट और अन्य बाजार में बूम ज्यादा होने से अबकी बार होली पर बाजार सौ करोड़ रुपये पार करने की ओर है। मिठाई कारोबार को नमकीन ने जबरदस्त टक्कर दी है। कारोबारी बताते हैं कि अभी तक इस सेक्टर में करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है।
होली पर उम्मीद से ज्यादा ग्राहकों में जोश दिखा। लोगों को छोटी और समोसे वाली गुजिया खूब पसंद आयी। यह त्योहार कारोबार क्षेत्र में पिछले रिकॉर्ड तोड़ेगा। जिन दुकानदारों पर ग्राहक विश्वास कर रहे थे, उनका कारोबार ठीक रहा। जिनके सैंपल फेल हुए वे शक की निगाह में बने रहे। - पंकज माहेश्वरी, मिष्ठान विक्रेता
होली पर नमकीन और बेकरी आइटमों की मांग ज्यादा आ रही है। ब्रांडेड को मात देने में स्थानीय आइटम सक्षम हैं। इस बार लोगों ने ड्राई फ्रूट की जगह बेकरी आइटम गिफ्ट पैक के रूप में पसंद किए। इसमें नमकीन शामिल होने से स्वाद बढ़ गया।- धर्मेंद्र देवनानी, कारोबारी