बरेली। सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने आंवला में 26 नए राजकीय नलकूपों, सौर उर्जा आधारित नवीन नलकूपों समेत 8.36 करोड़ से अधिक लागत के कार्यों का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भरतीय वैज्ञानिकों ने कृत्रिम बारिश करने की पद्धति विकसित कर ली है। अब सूखाग्रस्त इलाकों में कृत्रिम बारिश से फसलों की सिंचाई होगी। नए नलकूपों के निर्माण से आंवला क्षेत्र में 1300 हेक्टेयर से अधिक जमीन की सिंचाई होगी।
विकास खंड मझगवां के गांव गुलड़िया स्थित शंकर महाविद्यालय में महाशिवरात्रि के मौके पर नई परियोजनाओं का लोकार्पण करते हुए सिंचाई मंत्री ने कहा कि पुराने नलकूप आधुनिक तकनीक से लैस कर उनको उच्चीकृत किया जाएगा। इस पर 8 करोड़ 36 लाख रुपये खर्च होंगे। मिट्टी, खड़ंजा, सीसी रोड, पुलिया निर्माण के भी छह कार्यों का लोकार्पण सिंचाई मंत्री ने किया, जिनकी लागत 55 लाख है। सिंचाई मंत्री ने बताया कि आधुनिक तकनीक से लैस प्रत्येक नलकूप से कम से कम 50 हेक्टेयर जमीन में फसल की सिंचाई हो सकेगी। कहा कि गोमती, मनोरमा, अरिल, स्रोत, तमसा, अर्वी और वरुणा नदियों को पुनर्जीवित करने का काम शुरू हो गया है। इन नदियों से सिंचाई भी होगी। प्रदेश के कई जिलों में वाटर लेबल कम हो गया है। इसलिए सभी पानी की बचत करें। फसलों की आवश्यकतानुसार ही सिंचाई करें। नदियों और तालाबों पर अतिक्रमण न करें। ताकि बरसात का पानी सुरक्षित रखा जा सके। इससे वाटर लेबल ठीक करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्य अभियंता नलकूप मध्य देवेंद्र अग्रवाल, मुख्य अभियंता शारदा नहर प्रवीण कुमार, एक्सईएन सच्चिदानंद मिश्रा, चेयरमैन संजीव सक्सेना आदि मौजूद थे।