शाहजहांपुर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ के शपथ ग्रहण में जाने से एअरपोर्ट पर रोके जाने के बाद सपा में जबरदस्त गुस्सा दिखा। सपाइयों ने विरोध में जुलूस निकाला, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रतीकात्मक पुतला फूंका और एसपी कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे।
मंगलवार दोपहर अखिलेश यादव प्रयाग जाने के लिए अमौसी हवाई अड्डा पहुंचे थे। सरकार ने उनको यहां रोक दिया। इधर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी सपाइयों पर हुए लाठी चार्ज में बदायूं के सांसद धर्मेंद्र यादव घायल हो गए। यह सूचनाएं मिलने के साथ ही बिजलीपुरा स्थित सपा कार्यालय पर जिलाध्यक्ष तनवीर खां के नेतृत्व में सपाई एकत्र होने लगे। सपाइयों के रुख को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा बंदोबस्त भी शुरू कर दिए। सैकड़ों सपाई जिला कार्यालय से प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में अंटा चौराहा पर पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका। इसके बाद आक्रोशित सपाई एसपी ऑफिस के सामने धरने पर बैठ गए। सपा जिलाध्यक्ष ने योगी आदित्यनाथ को तानाशाह और लोकतंत्र की हत्या करने वाला बताया। कहा सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा बौखला गई है। आरोप लगाया कि इलाहाबाद विवि में मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस ने सपाइयों पर लाठी चार्ज किया। इसमें सांसद धर्मेंद्र यादव घायल हुए। प्रदेश सरकार नहीं चाहती कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव युवाओं के बीच पहुंचें। इसी के चलते उनको एअरपोर्ट पर रोक दिया गया।
लोहिया वाहिनी राष्ट्रीय सचिव पंकज वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार सपाइयों का मनोबल तोड़ना चाहती है। इसमें वह कामयाब नहीं होगी। इस मौके पर संजीव वर्मा, गायत्री वर्मा, रिजवान, इम्तियाज मंसूरी, दिव्यांश सिंह, हफीस अंसारी, विजय सिंह, हिमांशु बाजपेयी, राहुल सक्सेना, आसिफ कुरैशी, गौहर महबूब खां, स्तुति गुप्ता, मुनीष सिंह परिहार, डॉ. जफर, मुन्ना आदि रहे।
दलीय टकराव की आशंका, डीजी कानून-व्यवस्था ने अलर्ट किया
शाहजहांपुर। लखनऊ एअरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रयाग जाने से रोकने और इलाहाबाद विवि में हुए लाठी चार्ज में सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई सपाइयों के घायल होने से प्रदेश में दलीय टकराव के हालात बन गए हैं। डीजी कानून व्यवस्था प्रवीन कुमार ने इसकी आशंका जताते हुए कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं।
एसपी को भेजे गए आदेश में एडीजी ने स्पष्ट कहा है कि कानून-व्यवस्था को किसी तरह का खतरा नहीं होना चाहिए। अराजकता फैलाने वालों पर नजर रखें और सख्त कार्रवाई करें। प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच होने वाले टकराव से कानून व्यवस्था को खतरा पैदा होने की आशंका भी डीजी ने जताई है। कहा है कि अराजक तत्वों से निपटने और कानून व्यवस्था की बेहतरी के लिए स्थानीय स्तर पर सभी कड़े बंदोबस्त कर लिए जाएं।