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प्रधानमंत्री आवास चाहिए.. पांच-पांच हजार दो

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बरेली। प्रधानमंत्री आवास दिलाने का झांसा देकर दलालों ने 17 परिवारों से लाखों ठग लिए। इन परिवारों से ठगों ने गांव के ही एक व्यक्ति के जरिये जून 2017 में आवेदन भरवाए थे और एक डूडा कर्मचारी का नाम लेकर आवास दिलाने की एवज उनसे पांच से सात हजार तक की वसूली की थी। अब ठगे गए लोग उसी व्यक्ति से अपनी रकम वापस मांग रहे हैं। डरे सहमे इस व्यक्ति के परिवार ने सोमवार को थाना कैंट पहुंचकर ठगों के खिलाफ तहरीर दी।
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प्रधानमंत्री आवास योजना में बेघर गरीबों को अपना मकान बनाने के लिए 2.5 लाख की सब्सिडी दी जाती है। ब्लॉक स्तर पर सर्वे में चयन के बाद पात्रता तय होती है। सरकार की इस योजना की आड़ में दलाल लंबे समय से गरीबों से उगाही में जुटे हैं। नवाबगंज में विधायक केसर सिंह ने अपात्रों को पीएम आवास मिलने का मामला विधानसभा में उठाया था। अब भोजीपुरा क्षेत्र के धौराटांडा में कई गरीब परिवारों से ठगी की गई।
सोमवार को धौराटांडा के शीशवती कश्यप और तेजपाल के परिवार ठगी की शिकायत लेकर कैंट थाने पहुंचे। इन परिवारों ने बताया कि जून 2017 में कैंट क्षेत्र के चनेहटा गांव के दो युवकों ने उनसे आवास दिलाने के लिए सात हजार रुपये लिए थे। दोनों ने कुल 17 परिवारों से उगाही की थी। इन सभी परिवारों ने उनके घर पर ही आवेदन भरे थे। पैसों का लेनदेन भी उनके ही घर पर हुआ। दो साल बाद भी आवास न मिलने पर पीड़ित रामकली, ओमवती, सोमवती, अनीता, हेमलता चंद्रकली आदि उन पर पैसा वापस कराने का दबाव बना रहे हैं। जेल भिजवाने की भी धमकी दे रहे हैं। वे मजबूरन यशपाल और विष्णु के सात-सात हजार रुपये अपनी जेब से वापस भी कर चुके हैं। दोनों ठगों ने खुद को डूडा दफ्तर से बताया था। जब डूडा से संपर्क किया गया तो वहां मौजूद अफसरों ने इन लाभार्थियों के नाम सूची में होने से इनकार कर दिया।
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जिन लोगों ने प्रधानमंत्री आवास न मिलने की तहरीर थाने में दी है, वह अब तक डूडा में नहीं आए। मैं इस पूरे मामले की जांच कराने के बाद ही कुछ कह सकूंगा। - विनय कुमार सिंह, पीओ डूडा
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