बरेली। मेयर उमेश गौतम को बर्खास्त करने के लिए हाईकोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब आठ फरवरी को सुनवाई की तारीख नियत की है।
मेयर उमेश गौतम पर पद पर रहते हुए नगर निगम की कब्जाई जमीन खाली न करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में रिट दायर की गई है। साक्ष्य के तौर पर 2005 में तत्कालीन एसडीएम की जांच रिपोर्ट को दाखिल किया गया है। खुद मेयर ने जमीन पर अपना कब्जा कबूल कर उसके बदले में उसकी कीमत देने की पेशकश प्रशासन से की थी। अब तक वह मामला दबा रहा, लेकिन अब इसे हाईकोर्ट पहुंचा दिया गया है। याचिका दायर करने वालों में भाजपा के पार्षद विपुल लाला, पूर्व पार्षद राजेश तिवारी और मुनीश शर्मा शामिल हैं।