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मीटिंग में न पहुंचने पर आवास विकास के अफसरों पर भड़के प्रमुख सचिव

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बरेली। ट्यूलिया में आवास विकास परिषद की आवासीय योजना को लेकर लखनऊ में बुलाई गई महत्वपूर्ण मीटिंग में एक्सईएन सहित कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर प्रमुख सचिव (आवास) भड़क गए। उन्होंने फोन पर आवास विकास परिषद के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। इस लापरवाही पर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है। इधर, शासन में किरकिरी होने के बाद अधिकारियों में खलबली मची हुई है। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को यहां टेंडर खुलने थे, इसमें एक्सईएन का मौजूद रहना जरूरी था। इस वजह से मीटिंग में न जाने की बात कही जा रही है। इधर, आवास विकास के अफसरों की लापरवाही की वजह से ट्यूलिया में किसानों के मुआवजा और आवासों के निर्माण के मसले पर विचार नहीं हो सका।
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आवास विकास परिषद को रामपुर रोड पर ट्यूलिया में करीब 150 एकड़ जमीन पर आवासीय योजना की शुरूआत करनी है, लेकिन किसानों को जमीन का मुआवजा देने का मामला काफी समय से लंबित है। हालांकि किसान अब सर्किल रेट से डेढ़ गुना कीमत पर जमीन देने को तैयार हैं। शुक्रवार को लखनऊ में विधानसभा याचिका समिति ने मीटिंग बुलाई थी। इसमें आवास एवं शहरी नियोजन के संबंध में चर्चा होनी थी। समिति में मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा भी सदस्य है। मीटिंग में ट्यूलिया आवासीय योजना और किसानों के मुआवजा के मामले पर भी मंथन होना था, लेकिन एक्सईएन नेहा सिंह सहित आवास विकास परिषद का कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इस पर प्रमुख सचिव आवास रमेश नितिन गोकरन और विशेष सचिव आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर भड़क गए। बताते हैं कि फोन पर ही उन्होंने अफसरों की तगड़ी क्लास ली। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए भी लिखा-पढ़ी की जा रही है। इधर, शासन में किरकिरी होने और डांट खाने के बाद यहां शुक्रवार शाम मीटिंग भी हुई है। इसमें अफसरों के लखनऊ न जाने के बारे में बताया गया कि शुक्रवार को यहां टेंडर खुलने थे, इस पर एक्सईएन के दस्तखत होने जरूरी थे, लिहाजा वह मीटिंग में नहीं जा सकीं। इस संबंध में एक्सईएन नेहा सिंह से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ था।

विधानसभा याचिका समिति में ट्यूलिया आवासीय योजना को लेकर चर्चा होनी थी, लेकिन बरेली से आवास विकास परिषद का कोई भी अफसर मीटिंग में नहीं पहुंचा था। यह गंभीर है। इसे प्रमुख सचिव ने काफी गंभीरता से लिया है। - डॉ. डीसी वर्मा, विधायक/ सदस्य, विधानसभा याचिका समिति
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