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खुद्दाम भले ही लूटते रहें मुसलमानों का गरीब

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बरेली। खानकाह वामिकिया दरगाह आले रसूल की ओर से हाफिजगंज में जश्ने सुल्तानुल हिंद का आयोजन किया गया। आखिरी रोज ख्वाजा गरीब नवाज की शान में महफिल सजाई गई। शाही जामा मस्जिद के शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम रजवी ने ख्वाजा गरीब नवाज की सीरत पर रोशनी डाली। कहा, हिंदुस्तान का कोई भी मुसलमान, चाहे वह अमीर हो या गरीब, उसका गरीब नवाज की चौखट से वास्ता रहेगा। चाहे गरीबों की जेब पर डाका पड़े या अमीरों को लूटा जाए, फिर भी गरीब नवाज की चौखट से हर सुन्नी सहयुल अकीदा मुसलमान का कल भी वास्ता था, आज भी वास्ता है और कयामत तक रहेगा। जो खुद्दाम साहबा इकराम की शान में गुस्ताखी करते हैं, उनसे हर हाल में दूरी अख्तियार रखें।
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मुख्य अतिथि इल्म सेंटर ब्लैक बर्न इंग्लैंड के चेयरमैन कायद अहले सुन्नत सैयद जफर इकबाल अशरफी ने ख्वाजा साहब को हिंद का शहंशाह बताया। यहां सजी महफिल में आमिर हसन नवाबगंज और अजीम नियाजी कव्वाल बरेली ने अपने कलाम से पूरे माहौल को रुहानी बना दिया। आखिर में संयोजक एवं खानकाह के नायब सज्जादा मौलाना सैयद असलम मियां वामिकी ने दुआ की। जश्न की सरपरस्ती पीरे तरीकत सैयद मोहम्मद मियां वामिकी जिलानी की रही। सदारत दरगाह महबूबे इलाही दिल्ली के गद्दीनशीन अल्हाज सैयद नाजिम अली निजामी ने की। इस दौरान सैयद शाहिद अनवर अशरफी जिलानी कछौछा शरीफ, अल्लामा महमूद हुसैन के अलावा हाजी नबी हसन, मुन्ने मास्टर वामिकी, अनीस वामिकी आदि मौजूद रहे। निजामत कारी अलाउद्दीन वामिकी ने किया।
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