बेटियों के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार ने अनेक योजनाएं चला रखी हैं। डाक विभाग ने भी सरकार के इस प्रयास के साथ कदमताल मिलाते हुए एक अनोखी पहल की है। किसी भी घर में बेटी का जन्म होने पर डाकघर के कर्मचारी घर पहुंचकर बधाई देंगे। वे बच्ची के माता-पिता को बुके देंगे और मिठाई भी बाटेंगे।
डाक सेवा निदेशक कृष्णकुमार यादव ने बताया कि डाकिया अपने अधीन आने वाले वार्डों या गांवों के लोगों से संपर्क तो करेंगे ही साथ ही हर दिन स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में जाकर भी मालूम करेंगे कि किस के घर में बेटी का जन्म हुआ है। डाकिया नाम, पता नोट करके अधिकारियों को रिपोर्ट देेगा। इसके बाद अधिकारी उस घर में मिठाई पहुंचाएंगे और परिवार को बधाई देंगे। उन्हें सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में जानकारी देंगे। एसएसपीओ नइमुद्दीन ने बताया कि इस पहल से बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदलेगी।
सुकन्या समृद्धि योजना का करेंगे प्रचार
डाक कर्मी बेटी के परिजनों को सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में बताएंगे। बेटी की उम्र 21 साल होने पर राशि पूर्ण हो जाती है। 18 साल पर आंशिक रूप से धनराशि निकाल सकते हैं। दुर्भाग्य से अगर बच्ची की मृत्यु हो जाती है तो खाता तुरंत बंद हो जाएगा। ऐसे मामलों में खाते में पड़ी रकम अभिभावक को दे दी जाएगी। उस वक्त अभिभावक को कुछ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, पैन कार्ड की फॉटो कॉपी संबंधित डाकखाने में जमा कराने होंगे।
डाक कर्मचारियों को जारी किए निर्देश
निदेशक ने सभी डाकियों को आदेश दिए हैं कि वे नियमित अपने शहरी वार्डों, गांवों के लोगों से संपर्क कर पता लगाएं कि किस घर में बेटी जन्मी है, ताकि वहां जाकर मुंह मीठा करा सकें। इसके अलावा सरकार की बेटियों के लिए चलाई गई सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में तो अवगत कराएं। डाकखाने की अन्य योजनाओं का भी प्रचार करें।