28 सितंबर 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक कर भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को मार गिराया था। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देकर सेना के सभी जवान सकुशल लौटे थे। शुक्रवार को जाट रेजीमेंट सेंटर में इस दिन को पराक्रम पर्व के रूप में मनाया गया, जिसमें केवी जेएलए, आर्मी, विशप समेत करीब सात स्कूलों और कॉलेजों के बच्चे सेना के शौर्य, पराक्रम और साहस से परिचित हुए। उन्हेें युद्ध के दौरान प्रयोग किए जाने वाले हथियारों की प्रदर्शनी लगाकर जानकारी दी गई। म्युजियम के बाहर लगी प्रदर्शनी में आर्मी एविएशन, आर्टिलरी, मेडिकल कोर आदि शामिल रहे। पर्वतों पर तैनात जवानों द्वारा पत्थरों को काटने, उन्हें हटाने, बर्फ से ढंके पहाड़ों के बीच से रास्ता बनाने वाले वाहनों के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान सैन्य जवानों ने बच्चों के तमाम सवालों के भी जवाब दिए।
परिसर में लगे साइन बोर्ड पर छात्रों ने सेना के साहस को सलाम करते हुए खुद को आर्मी ऑफिसर बनकर देश सेवा करने की ख्वाहिश जताई। जीएसओ-1 (प्रशिक्षण) मेजर सौरभ गुप्ता ने बताया कि सिविलियंस खासकर छात्रों को सैन्य जीवन से परिचित कराने और उन्हें देश में सुरक्षित माहौल देने के लिए बॉर्डर पर तैनात जवानों को होने वाली मुश्किलों से रूबरू कराने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई। ताकि बच्चे आजादी के मायने समझें और सेना में शामिल होकर देश सेवा के प्रति अग्रसर हो सकें।