बरेली। हजयात्रा को जीएसटी से बाहर रखा जाए और इस मद में वसूली गई रकम हाजियों को वापस की जाए। सरकार ने जब बाकी धार्मिक यात्राओं को जीएसटी से बाहर रखा है तो फिर हजयात्रा पर जीएसटी क्यों लागू है। यह मांग तंजीमे तहफ्फुजे मदारिस के सचिव नासिर कुरैशी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर की है। पत्र में कहा है कि सरकार के हज सब्सिडी खत्म कर देने के बाद से हजयात्रा काफी महंगी हो गई है। ऐसे में हजयात्रियों से जीएसटी वसूल करने से उन पर दोहरी मार पड़ रही है। हजयात्रा की इच्छा पूरी करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। नासिर ने 1.75 लाख हजयात्रियों से वसूली गई जीएसटी की रकम उन्हें लौटाने की मांग की है।