बरेली। दूसरे जिलों से स्थानांतरित होकर आए करीब सवा दो सौ शिक्षकों के स्कूल में ज्वाइनिंग न लेने पर बीएसए ने उन्हें नोटिस जारी किया है। इसमें तीन दिन के अंदर विद्यालय में नियुक्ति न लेने वाले टीचरों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इधर, प्राथमिक शिक्षक संघ ने इस पर आपत्ति जाहिर की है।
अंतरजनपदीय स्थानांतरण के बाद 415 शिक्षकों को यहां परिषदीय स्कूलों में ज्वाइनिंग लेनी थी। बीएसए ने इन सभी शिक्षकों की काउंसलिंग के बाद उनकी स्कूलों में तैनाती भी कर दी थी। लेकिन इसमें से करीब सवा दो सौ शिक्षकों ने वहां जाने से इंकार कर दिया और संशोधन के लिए दरख्वास्त बीएसए कार्यालय में दी थी। मनचाही तैनाती न होने से शिक्षक स्कूल जाने को तैयार नहीं है। इससे करीब माहभर से यह मामला लंबित चल रहा है। इसमें ज्यादातर शिक्षक मेडिकल अवकाश लेकर घर में बैठ गए थे। इस पर शिकंजा कसते हुए बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने नोटिस जारी किया है कि वे तीन दिन के अंदर स्कूल ज्वाइन कर लें, नहीं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इससे शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। इधर प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू सक्सेना ने इस नोटिस का विरोध किया है। उनका कहना है कि अगर दूसरे स्कूलों में पद खाली है तो वहां भी शिक्षकों की तैनाती कर देनी चाहिए। इस संबंध में बीएसए से वार्ता करने की कोशिश हुई लेकिन उनका फोन नहीं उठा।