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दोबारा कॉपी चेक करानी है तो देने हाेंगेे 2000 रुपये

Tue, 17 Jul 2018 12:17 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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MJP Rohilkhand university
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छात्र अगर अपनी परीक्षा की कॉपी दोबारा चेक कराना चाहते हैं तो उन्हें प्रति कॉपी 2000 रुपये देने होंगे। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सोमवार को हुई वित्त समिति की बैठक में चैलेंज इवेल्यूशन की फीस तय कर दी गई। कानपुर विश्वविद्यालय की तर्ज पर विश्वविद्यालय फीस लेगा। शर्त है कि अगर चैलेंज के बाद प्राप्तांक में 15 फीसदी का इजाफा होता है तो पांच सौ रुपये काटकर बाकी फीस छात्र को लौटा दी जाएगी। इससे कम पर पूरी फीस जब्त कर ली जाएगी।
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कानपुर विश्वविद्यालय में तीन हजार फीस है। उतनी ही फीस विश्वविद्यालय में प्रस्तावित की गई, लेकिन मंथन के बाद तय हुआ कि 2000 रुपये फीस ली जाए। आवेदन प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगी। बता दें कि इस बार बीएससी और एमएससी में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। सभी छात्र पुनर्मूल्यांकन की आस लगाए बैठे थे। राजभवन से भी कई बार पत्र आ चुका है कि चैलेंज इवेल्यूशन लागू किया जाए। वित्त अधिकारी सुरेश उपाध्याय ने बताया कि चैलेंज इवेल्यूश की फीस तय कर दी गई है। प्रति कॉपी 2000 रुपये फीस रखी गई है। एक सप्ताह के भीतर आवेदन शुरू हो जाएंगे।

माइक्रोबायोलॉजी के लिए अलग से बजट नहीं
विश्वविद्यालय कैंपस में एमएससी माइक्रोबायोलॉजी इस बार से शुरू हो रहा है। वित्त समिति ने प्रतिवर्ष की 40 हजार रुपये फीस तय की है। विभाग के संचालन के लिए 80 लाख रुपये का बजट मांगा गया था, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। विभाग को 10 लाख का बजट इस शर्त पर दिया गया है कि विभाग अपना खर्चा अपने स्तर से निकालेगा और 10 लाख रुपये लौटा देगा। लैब और अन्य सुविधाएं विभाग की आय से उपलब्ध कराई जाएंगी।
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गरीब छात्रों के लिए होगी फंड की व्यवस्था
विश्वविद्यालय कैंपस में पढ़ने वाले गरीब छात्रों के लिए अच्छी खबर है। उनके लिए पूअर ब्वॉयज फंड बनेगा। गरीब छात्रों को इस फंड से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आर्थिक सहायता कितनी और कितने छात्रों को दी जाए यह कुलपति तय करेंगे। अभी तक विश्वविद्यालय में पूअर ब्वॉयज फंड नहीं था।

कर्मचारियों की मांगों पर फैसला नहीं, शिक्षकों की मांगे पूरी
वित्त समिति की बैठक में कर्मचारियों और शिक्षकों की मांगों पर भी विचार किया। कर्मचारियों का पारिश्रमिक बढ़ाने समेत एक दर्जन से अधिक मांगें थी जिसे नामंजूर कर दिया गया। दूसरे विश्वविद्यालयों से कर्मचारियों के पारिश्रमिक की तुलना की जाएगी। इसके बाद ही फैसला लिया जाएगा। शिक्षकों के पाल्यों की ट्यूशन फीस माफ होगी। हाउस लोन की सीमा 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख कर दी गई है।

गेस्ट फैकल्टी का मानदेय बढ़ा
गेस्ट फैकल्टी का मानदेय बढ़ाने के शासनादेश को विश्वविद्यालय ने स्वीकार कर लिया है। अब गेस्ट फैकल्टी को प्रति लेक्चर 450 रुपये की जगह 515 रुपये दिया जाएगा। एक शिक्षक माह में चालीस लेक्चर दे सकता है।
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