प्लेन क्रैश हादसे में जान गंवाने वाली सुरभि की खबर जब रोहलीटोला स्थिति उसके ननिहाल पहुंची तो सब स्तब्ध रह गए। उनके मामा रामेंद्र प्रसाद के मुताबिक अभी फरवरी में सुरभि भाई की शादी में शामिल होने के दौरान बरेली आई थी। उधर बदायूं स्थिति उसके घर में तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बदायूं के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी अधिवक्ता सूर्य प्रकाश गुप्ता और नर्गिल की इकलौती बेटी थी सुरभि। दो भाइयों में छोटा सुमित मर्चेंट नेवी में अफसर है। उससे बड़ा अंकुर जिओ कंपनी में अधिकारी है। सुरभि के स्टाफ के किसी सदस्य ने मुंबई से यह मनहूस खबर दी। बेटी की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। दोनों के करुण क्रंदन को देखकर घर पहुंचे हर किसी की आंखों से आंसू निकल पड़े। कुछ ही देर में बेटी को अंतिम बार देखने के लिए सूर्य प्रकाश और उनकी पत्नी यहां से रवाना हो गए। सूर्य प्रकाश गुप्ता के अनुसार बदायूं में उनके साथी बिटिया को कल्पना चावला कहते थे। एयरबेस मैनेजर बनने वाली सुरभि गुप्ता उत्तर प्रदेश की पहली महिला थी। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने सुरभि को गत वर्ष सम्मानित भी किया था।
पापा अपनी सेहत का ध्यान रखिएगा
सूर्यप्रकाश गुप्ता गुरुवार को कोर्ट नहीं गए। पत्नी से बोले, पता नहीं आज किसी काम में मन नहीं लग रहा। तब उनकी पत्नी ने कहा कि क्यों नहीं फोन पर बच्चों से बात कर लेते। उन्होंने बेटी से बात की। उसने सबका हाल पूछा और कहा कि पापा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना। इसके बाद उनका मन हल्का हुआ। लेकिन फिर ब्रजपात हो गया। उसके फोन की बात याद कर दंपति खूब रोए।