करीब चार महीने पहले ही शुरू हुए श्यामगंज फ्लाईओवर पर बुधवार को प्री-मानसून बारिश में भारी जलभराव हो गया। वह भी किसी एक जगह नहीं बल्कि कई जगह। दरअसल कुछ खामियों की वजह से पुल की सड़क ही पूरी तरह समतल नहीं है। बाकी कसर मलबे से बंद हुए पतनालों ने पूरी कर दी। माना जा रहा है कि अगर यही हाल रहा तो पुल की सड़क भी जल्द खराब हो जाएगी। उधर, पुल पर मांझे से होने वाले हादसों को रोकने के इंतजाम भी आंधी में ध्वस्त हो गए। नतीजा यह हुआ कि शाम को पुल पर मांझे से एक युवक बुरी तरह घायल भी हो गया।
बुधवार सुबह हुई तेज बारिश से श्यामगंज फ्लाईओवर के बीच वाले हिस्से में जलभराव हो गया। पुल के ऊपर जलभराव ने सभी को हैरत में डाल दिया। सेतु निगम के कर्मचारी बारिश में ही दौड़कर पुल पर पहुंच गए। जलभराव की वजह तलाशी तो पता चला कि पुल से पानी निकासी के निकास को बनाए गए पतनाले मलबे से बंद हैं। कर्मचारियों ने सारे पतनाले खोल दिए। मगर सड़क असमतल होने से कुछ स्थानों पर पूरे दिन पानी भरा रहा। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि पुल पर जलभराव रहने से कोलतार की सड़क उखड़ जाएगी।
अफसर बोले- दुकानदार बंद कर रहे नालियां
पुल पर पानी की निकासी के लिए बनाए सारे पतनाले जांच के दौरान मलबे से ब्लॉक मिले। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि ये पतनाले पुल के नीचे वाले दुकानदार ब्लॉक कर देते हैं क्योंकि बारिश होने पर पुल का पानी उनकी दुकानों के सामने गिरता है।
दुकानदारों का दर्द : नालियों के पानी से सामान को खतरा
सेतु निगम के अफसर व्यापारियों पर पतनाले ब्लॉक करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं व्यापारियों का कहना है कि सेतु निगम ने पुल पर बनाए पतनालों में पाइप नहीं लगाए हैं। इसके चलते गंदा पानी काफी ऊंचाई से सड़क पर गिरता है। इसके छींटे आने से उनका सामान खराब होता है।
व्यापारियों की बात
पुल बने चार महीने से ज्यादा समय हो गया है, मगर पाइप नहीं लगाए गए हैं। बारिश होने के बाद तीन-तीन दिन तक पानी टपकता रहता है। - नईम मियां
बारिश के दौरान दुकान के सामने सामान नहीं लगा सकते। पुल से गिरने वाला गंदा पानी, उसे खराब कर देता है और फिर कोई नहीं खरीदता। - शानू खान
ग्राहक दुकान के बाहर खड़े होकर खरीदारी करते हैं तो पानी उनके सिर पर गिरता है। साथ ही सड़क पर भी हर समय कीचड़ बना रहता है। - बब्बू भाई
पाइप लगाने को अफसरों से कई बार शिकायत कर चुके हैं, मगर कोई नहीं सुनता। ऊपर से गिरने वाले पानी के अंदर तक छींटे जाते हैं। - उवैश
पुल पर पानी निकासी के लिए पाइप लगे हैं, इन्हें कुछ लोगों ने जानबूझकर मलबा से बंद कर दिया। पाइप बंद होने से बारिश का पानी पुल ही भर गया। पुल पर सफाई नगर निगम को करना है। अगर सड़क में कहीं दबक तो उसे अनुबंधन के तहत ठेकेदार दुरुस्त करेगा। - एसके गर्ग, परियोजना प्रबंधक
एक्सपर्ट की बात
कोलतार से बनी किसी भी सड़क पर अगर ज्यादा समय तक जलभराव रहता है और वाहन ज्यादा निकलते हैं तो सड़क उखड़कर खराब हो जाएगी। इसके लिए पुल पर जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कर गड्ढे समतल करना चाहिए ताकि जलभराव न हो। - एसके अंबेडकर, चीफ इंजीनियर, नगर निगम