सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने कहा कि प्राइमरी और जूनियर स्कूल के बच्चों को गुणवत्ता युक्त ड्रेस एक से 15 जुलाई तक हर हाल में वितरित करा दी जाए। 15 जुलाई के बाद इसकी कई स्तर पर जांच कराई जाएगी। उसमें ड्रेस की गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक सीधे बर्खास्त होंगे और उन एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर प्राइमरी और जूनियर स्कूलों के बच्चों को 15 जुलाई तक ड्रेस वितरण के इंतजाम करने के निर्देश दिए। इस बार 2892 स्कूल के तीन लाख 48 हजार 859 छात्र- छात्राओं को यूनीफार्म बांटने का लक्ष्य है। सीडीओ ने बीएसए से कहा कि वह 23 जून तक प्रत्येक स्कूल में प्रबंध समिति गठित कर दें। एक जुलाई से जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम स्थापित करे। एक से 15 जुलाई तक ड्रेस वितरण का काम पूरा कर लें। अगले दिन बच्चों की यूनीफार्म के साथ प्रत्येक स्कूल के फोटोग्राफ उपलब्ध कराए जाएं। कक्षा एक से आठवीं तक प्राइमरी और जूनियर में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को उच्च गुणवत्तायुक्त ड्रेस दो सेट में दी जाएगी। सीडीओ ने कहा कि ड्रेस की गुणवत्ता पर विशेष जोर रहेगा। धुलने के बाद ड्रेस के कपडे़ का रंग फीका नहीं पड़ना चाहिए। स्कूलों में ड्रेस वितरण का सत्यापन पहले डीआईओएस और बाद में जिलाधिकारी के स्तर पर होगा। मंडलायुक्त विशेष टीम से ड्रेस वितरण की जांच कराएंगे। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। अनियमितता पाए जाने पर दोषी पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। बैठक में बीएसए के अलावा शिक्षा विभाग के अन्य अफसर और स्टाफ के सदस्य मौजूद थे।