बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ ऑनलाइन एंड डिस्टेंस एजुकेशन (सीओडीई) में इस वर्ष पंजीकरण का आंकड़ा सौ पार कर गया। हालांकि, फीस जमा न करने के कारण कई अभ्यर्थियों का प्रवेश सफल नहीं हो सका। कुल 180 अभ्यर्थियों ने 12 पाठ्यक्रमों में पंजीकरण कराया, लेकिन मात्र 82 ने ही फीस जमा की।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, 98 अभ्यर्थियों ने फीस नहीं भरी। यह संख्या पिछले दो-तीन सत्रों में हुए प्रवेशों से सर्वाधिक है। प्रथम चरण में 45 और द्वितीय चरण में 32 प्रवेश हुए थे। सीओडीई के तहत 12 पाठ्यक्रमों में प्रवेश आमंत्रित किए गए थे। इनमें बीए, बीकॉम, एमए अर्थशास्त्र, एमए इतिहास, एमए शिक्षा, एमए अंग्रेजी, एमए हिंदी, एमकॉम, एमबीए विपणन, एमएसडब्ल्यू और पीजी डिप्लोमा पत्रकारिता एवं जनसंचार शामिल हैं। मीडिया प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि कई अभ्यर्थियों ने एक साथ कई पाठ्यक्रमों में पंजीकरण कराया था। इससे वे अपनी सुविधा के अनुसार सभी की फीस नहीं भर सके। विश्वविद्यालय खुलने पर 22 को फीस भरने की तारीख पर विचार किया जाएगा।
प्रवेश पर छात्रवृत्ति का असर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि कई अभ्यर्थियों ने दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रमों में छात्रवृत्ति के संबंध में पूछताछ की थी। यह स्पष्ट होने पर कि इन पाठ्यक्रमों में छात्रवृत्ति का प्रावधान नहीं है, 98 अभ्यर्थियों ने फीस जमा करने से इन्कार कर दिया। यह एक प्रमुख कारण रहा कि पंजीकरण के बावजूद बड़ी संख्या में प्रवेश पूरे नहीं हो सके।
सीओडीई के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस अलग-अलग निर्धारितहै। पंजीकरण के लिए 150 रुपये, डिग्री के लिए एक हजार रुपये और परीक्षा के लिए दो हजार रुपये सभी पाठ्यक्रमों के लिए समान हैं। एमए अंग्रेजी, एमए हिंदी, एमए इतिहास, एमए अर्थशास्त्र, एमए शिक्षा, एमएसडब्ल्यू और बीकॉम पाठ्यक्रमों की फीस आठ हजार रुपये है। बीए (तीन विषयों के संयोजन में) और पीजी डिप्लोमा पत्रकारिता एवं जनसंचार की फीस छह हजार रुपये है। एमकॉम और एमएससी गणित की फीस 12 हजार रुपये है, जबकि एमबीए की फीस 25 हजार रुपये तय की गई है।